रांची:राज्य के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल रिम्स का ब्लड बैंक इन दिनों खून की कमी से जूझ रहा है. जिस ब्लड बैंक से हर दिन 80 से 100 यूनिट ब्लड की डिमांड है, वहां सिर्फ 87 यूनिट ब्लड ही बचा है. इस कारण मरीजों के परिजनों को काफी परेशानी हो रही है.
रिम्स की ब्लड बैंक इंचार्ज डॉ. सुषमा कुमारी बताती हैं कि उनके ब्लड बैंक में खून की कमी की मुख्य वजह रक्त की आवक कम और खपत ज्यादा है. उन्होंने बताया कि हर दिन 80 से 100 यूनिट ब्लड का डिमांड रिम्स ब्लड बैंक से होता है, लेकिन इन दिनों ब्लड बैंक डोनेशन कैंप कम लग रहे हैं और जो कैंप लग भी रहे हैं वहां से ब्लड कलेक्शन बहुत कम हो रहा है.
रिम्स में हर दिन 8-10 मरीजों को दिया जाता है रक्त
रिम्स ब्लड बैंक की इंचार्ज डॉ. सुषमा कुमारी ने बताया कि रिम्स में 1500 से ज्यादा मरीज इंडोर में भर्ती रहते हैं. उनमें से कई को रक्त की जरूरत पड़ती है. इसके साथ-साथ हर दिन 08 से 10 थैलेसेमिक और सिकल सेल एनीमिया के मरीजों को हर दिन रक्त उपलब्ध कराया जाता है. ऐसे में हर दिन 80 से 100 यूनिट ब्लड की मांग की जाती है. जिसे अभी रिम्स ब्लड बैंक पूरा नहीं कर पा रहा है.

रिम्स ब्लड बैंक में खून की उपलब्धता
| ग्रुप | +ve | -Ve |
| A | 16 | 00 |
| B | 28 | 02 |
| AB | 09 | 02 |
| O | 26 | 04 |

क्यों है रिम्स के ब्लड बैंक में खून की कमी
रिम्स की ब्लड बैंक इंचार्ज डॉ. सुषमा कुमारी बताती हैं कि रिम्स ब्लड बैंक में खून की कमी की एक वजह यह भी है कि अब निजी ब्लड बैंक संचालकों को भी रक्तदान कैंप (Blood Donation Camp) लगाने की छूट दे दी गई है. ऐसे में जहां-जहां पहले रिम्स का ब्लड डोनेशन कैंप लगता था, अब जब निजी अस्पताल वाले उन रक्तदाताओं से रक्त इकठ्ठा कर रहे हैं तो उन्हें सिकल सेल एनीमिया और थैलेसीमिया के मरीजों को निःशुल्क रक्त उपलब्ध कराना चाहिए. इसके लिए उन्होंने JSACS को भी लिखा भी है. उन्होंने कहा कि जब थैलेसीमिया-सिकल सेल एनीमिया के बच्चों को निजी ब्लड बैंक से निशुल्क रक्त मिलने लगेगा तो रिम्स ब्लड बैंक पर दवाब कम होगा.

उन्होंने बताया कि कई बार सदर अस्पताल से भी थैलेसीमिया-सिकल सेल एनीमिया के मरीजों को भी रिम्स से ब्लड देना पड़ता है, क्योंकि वहां खून के बदले डोनर मांगा जाता है. रिम्स में पिता के लिए ब्लड के बदले चतरा के भानु कुमार को एक्सचेंज कर के ब्लड की व्यवस्था करनी पड़ी, क्योंकि रिम्स ब्लड बैंक से यह बताया गया कि A+ ब्लड नहीं है. ऐसे में वह अपना ब्लड देकर रिम्स से ब्लड की व्यवस्था कराई है.
सदर अस्पताल ब्लड बैंक की स्थिति थोड़ी बेहतर
रांची के दूसरे सरकारी अस्पताल सदर अस्पताल के ब्लड बैंक में कुल 181 यूनिट ब्लड तो हैं, लेकिन यहां भी “ओ” निगेटिव ब्लड बैंक नहीं है. वहीं AB निगेटिव 02, A निगेटिव 03 यूनिट और B निगेटिव 02 यूनिट ही बचा है.
सदर अस्पताल ब्लड बैंक में खून की उपलब्धता
| ग्रुप | +ve | -Ve |
| A | 17 | 03 |
| B | 121 | 02 |
| AB | 03 | 01 |
| O | 24 | 00 |

क्या कहते हैं सदर अस्पताल के उपाधीक्षक
सदर अस्पताल ब्लड बैंक में रक्त की उपलब्धता को लेकर उपाधीक्षक डॉ. बिमलेश कुमार सिंह कहते हैं कि सदर अस्पताल के ब्लड बैंक में अभी पर्याप्त मात्रा में ब्लड तो है, लेकिन कुछ ग्रुप्स खासकर निगेटिव रक्त समूह ग्रुप की कमी है. उन्होंने बताया कि जल्द ही ब्लड डोनेशन कैंप लगाए जाएंगे और जो भी परेशानी हो रही है वह भी दूर हो जाएगी.


