Saturday, May 2, 2026

भारतीय प्रबंधन संस्थान रांची ने वैश्विक स्तर पर पहली बार क्यूएस (QS) एग्जीक्यूटिव एमबीए रैंकिंग 2026 में जगह बनाई है.

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रांची: भारतीय प्रबंधन संस्थान(IIM) रांची ने वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान मजबूत करते हुए पहली बार क्यूएस (QS) एग्जीक्यूटिव एमबीए रैंकिंग 2026 में जगह बनाई है. यह उपलब्धि न केवल संस्थान के लिए बल्कि झारखंड के लिए भी गर्व का क्षण है, क्योंकि IIM रांची इस प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग में स्थान पाने वाला राज्य का पहला संस्थान बन गया है.

प्रबंधन शिक्षा का बढ़ता स्तर

पहले ही प्रयास में IIM रांची ने देश के अन्य आईआईएम के बीच चौथा स्थान हासिल कर अपनी शैक्षणिक गुणवत्ता और प्रबंधन शिक्षा के बढ़ते स्तर को साबित किया है. वैश्विक स्तर पर संस्थान को 201+ बैंड मेंयू स्थान मिला है, जबकि एशिया-पैसिफिक क्षेत्र में इसे 33वां स्थान प्राप्त हुआ है. यह रैंकिंग दुनिया भर के बिजनेस स्कूलों के लिए एक महत्वपूर्ण मानक मानी जाती है.

IIM रांची का उम्दा प्रदर्शन

QS रैंकिंग में संस्थानों का मूल्यांकन कई प्रमुख मापदंडों के आधार पर किया जाता है, जिनमें नियोक्ता प्रतिष्ठा (30%), अकादमिक प्रतिष्ठा (25%), करियर परिणाम (20%), एग्जीक्यूटिव प्रोफाइल (15%) और विविधता (10%) शामिल हैं. IIM रांची ने इन सभी मानकों पर संतुलित प्रदर्शन करते हुए अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है. खासतौर पर करियर परिणामों के क्षेत्र में संस्थान ने बेहतर प्रदर्शन किया है, जिसमें छात्रों की वेतन वृद्धि और पदोन्नति दर को महत्वपूर्ण माना गया.

समग्र विकास और वैश्विक सोच

एग्जीक्यूटिव प्रोफाइल के तहत प्रतिभागियों के कार्य अनुभव, प्रबंधकीय क्षमता और नेतृत्व स्तर का आकलन किया जाता है. वहीं विविधता के अंतर्गत लिंग और अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधित्व को भी महत्व दिया जाता है. इन सभी पहलुओं में IIM रांची की उपलब्धि उसके समग्र विकास और वैश्विक सोच को दर्शाता है.

रांची में वैश्विक बिजनेस स्कूल

संस्थान ने गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान, उद्योग से जुड़ाव और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग के माध्यम से अपनी स्थिति को लगातार मजबूत किया है. यही कारण है कि IIM रांची अब एक उभरते हुए वैश्विक बिजनेस स्कूल के रूप में अपनी पहचान बना रहा है. IIM रांची का एग्जीक्यूटिव एमबीए प्रोग्राम विशेष रूप से कार्यरत पेशेवरों के लिए डिजाइन किया गया है. यह दो वर्षीय हाइब्रिड प्रोग्राम है, जिसमें ऑनलाइन और आवासीय मॉड्यूल का संयोजन होता है.

IIM रांची के लिए उपलब्धि मील का पत्थर

कार्यक्रम में लेखा, वित्त, विपणन, रणनीतिक प्रबंधन और मानव संसाधन जैसे विषय शामिल हैं, जो प्रतिभागियों के कौशल विकास में मदद करते हैं. QS Executive MBA Ranking 2026 में IIM रांची की एंट्री हमारे लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है.

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संस्थान की पहचान

इससे पहले ही प्रयास में देश में चौथा स्थान हासिल करना इस बात का प्रमाण है कि हम गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, उद्योग-संवाद और वैश्विक मानकों पर लगातार काम कर रहे हैं. यह उपलब्धि हमारे फैकल्टी, छात्रों, एलुमनाई और सभी स्टेकहोल्डर्स के सामूहिक प्रयास का परिणाम है. हम आगे भी अपने कार्यक्रमों को और मजबूत करते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संस्थान की पहचान को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.”

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