हजारीबागः जिले के धान खरीद केंद्रों पर धान खरीदारी की समय सीमा समाप्त हो गई है. काफी संख्या में किसान केंद्रों पर धान नहीं बेच पाये हैं. जिससे उन्हें काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है. इचाक प्रखंड क्षेत्र से सैकड़ों किसान समाहरणालय पहुंचे और उपायुक्त तथा जिला खाद्य आपूर्ति पदाधिकारी को शिकायत पत्र सौंपा. किसानों का आरोप है कि प्रखंड के धान अधिप्राप्ति केंद्र के अध्यक्ष द्वारा किसानों से सीधे धान की खरीद नहीं की गई, बल्कि बिचौलियों के माध्यम से लक्ष्य पूरा किया गया.
इचाक प्रखंड का हाल
किसानों को उम्मीद थी कि धान की कीमत समय पर मिल जाए तो हालात बदलेंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. किसानों को कभी मौसम दगा दे जाता है तो कभी सिस्टम छलावा करता है. इस वर्ष राज्य सरकार ने एलान किया था कि धान दीजिए, दाम लीजिए. लेकिन ऐसा हुआ नहीं. इचाक प्रखंड का हाल तो और भी अधिक बुरा है. क्षेत्र से सैकड़ों किसानों ने समाहरणालय पहुंचकर उपायुक्त और जिला खाद्य आपूर्ति पदाधिकारी को शिकायत पत्र सौंपा.
बिचौलियों के माध्यम से लक्ष्य पूरा करने का आरोप
किसानों का आरोप है कि प्रखंड के धान अधिप्राप्ति केंद्र के अध्यक्ष द्वारा किसानों से सीधे धान की खरीद नहीं की गई, बल्कि बिचौलियों के माध्यम से लक्ष्य पूरा किया गया. उन्होंने बताया कि कई बार धान खरीद केंद्र का चक्कर लगाने के बावजूद उन्हें टाल दिया गया, जिससे मजबूर होकर उन्हें औने-पौने दामों पर धान बेचना पड़ा. कुछ किसानों ने खरीद की उम्मीद में धान घर में रखा, लेकिन 31 मार्च को समय समाप्त होने से उन्हें भारी नुकसान हुआ. किसानों ने यह भी आरोप लगाया कि अन्य राज्य से धान मंगाकर खरीदारी की गई, जो नियम के खिलाफ है.
किसान केंद्रों के चक्कर लगाते रहे
कई किसान आज भी धान की खरीदारी का समय बढ़ने का इंतजार कर रहे हैं. धान अधिप्राप्ति केंद्रों में नियमित रूप से धान की खरीदारी नहीं होने से किसान परेशान थे. समय सीमा के अंदर धान बेचने को लेकर किसान लगातार केंद्रों का चक्कर लगाते रहे, लेकिन धान की खरीदारी नहीं हो पाई.
शिकायत के आधार पर मामले की जांच- जिला खाद्य आपूर्ति पदाधिकारी
सेंटर के गोदाम भरे होने, मिलर्स द्वारा समय पर धान न उठाने और टेक्निकल दिक्कतों की वजह से धान की खरीद में देरी होती गई. केंद्रों को समय पर आरओ नहीं मिलने की भी समस्या बरकरार रही, जिसके कारण नियमित रूप से धान की खरीदारी नहीं हो पाई. जिला खाद्य आपूर्ति पदाधिकारी मुरली यादव ने कहा कि शिकायत के आधार पर मामले की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी.
किसान को अगर समय रहते बाजार उपलब्ध नहीं होता है तो उसकी कमर ही टूट जाती है. इचाक के किसानों ने गंभीर आरोप लगाए हैं. बहरहाल यह पूरा मामला जांच का है.


