रांची:भीषण गर्मी में राज्यवासियों को जलसंकट का सामना न करना पड़े इसको लेकर शुक्रवार को झारखंड के पेयजल और स्वच्छता मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने रांची के कांके स्थित विश्वेसरैया सेनिटेशन एंड वाटर एकेडमी ( VISWA) के सभागार में विभागीय तैयारी की समीक्षा की. बैठक के बाद मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने विभाग का केंद्रीय टोल फ्री नंबर 18003456502 जारी किया. मंत्री ने राज्य की जनता से अपील की है कि चापाकल खराब होने या क्षेत्र में पेयजल समस्या हो तो इस नंबर पर फोन करें, समस्या तत्काल दूर की जाएगी.
इस उच्चस्तरीय बैठक में मंत्री योगेंद्र प्रसाद के साथ पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के अभियंता प्रमुख, विभाग के सभी अधीक्षण अभियंता, कार्यपालक अभियंता शामिल थे. इस उच्चस्तरीय बैठक का मुख्य उद्देश्य गर्मी के मौसम को देखते हुए विभागीय तैयारियों का जायजा लेना था. बैठक के दौरान पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री कई पदाधिकारियों को कड़ी फटकार लगाते नजर आए.
बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने कहा कि उन्हें विभिन्न स्रोतों से यह जानकारी मिली थी कि कई जगहों पर चापाकल काम नहीं कर रहा है और ‘हर घर जल नल योजना’ के तहत भी पानी की आपूर्ति नहीं हो रही है. इसको ध्यान में रखते हुए उन्होंने राज्यस्तरीय समीक्षा बैठक की है.
मंडलवार विभाग के कार्यों की समीक्षा
उन्होंने कहा कि विभाग के कार्यों की मंडलवार (division-wise) समीक्षा की जा रही है. अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि गर्मी के इस मौसम में लोगों को किसी भी प्रकार की कोई परेशानी का सामना न करना पड़े और उन्हें बिना किसी परेशानी के स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो सके. विभागीय मंत्री ने स्पष्ट किया कि यदि अधिकारी इन निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने में विफल रहते हैं, तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
केंद्रांश नहीं मिलने के कारण योजनाएं लंबितः योगेंद्र प्रसाद
उन्होंने आगे बताया कि इससे पहले हमें केंद्र सरकार से 2500 करोड़ रुपये का बजट प्राप्त हुआ था, लेकिन आंकड़ों में विसंगति (mismatch) होने के कारण वह राशि वापस (surrender) कर दी गई थी. इस वित्तीय वर्ष में अब तक हमें केंद्र से हमारा हिस्सा प्राप्त नहीं हुआ है, जिसके चलते कई योजनाएं लंबित पड़ी हुई हैं. ऐसे में हम अब अपने राज्य के संसाधनों (funds) से पेयजल की व्यवस्था करने की दिशा में कदम उठा रहे हैं. पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री ने कहा कि विभाग का मुख्य ध्यान राज्य के अपने कोष (state fund) से छोटी-छोटी योजनाओं को हाथ में लेकर उसे पूरा कराने की है, ताकि उन्हें प्रभावी ढंग से लागू किया जा सके और लोगों तक शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके.
मंत्री ने माना-लगभग 1000 चापाकल हैं खराब
पेयजल एवं स्वच्छता विभाग की मैराथन समीक्षा बैठक के बाद विभागीय मंत्री ने पाया कि 1000 के करीब सरकारी और सार्वजनिक चापाकल खराब हैं. वहीं जल जीवन मिशन की जलापूर्ति योजनाओं की भी समीक्षा की गई. मंत्री ने कहा कि “हर घर नल जल योजना की राशि केंद्र से नहीं मिलने” से राज्यांश भी नहीं मिल रहा है. समीक्षा बैठक के दौरान मंत्री ने कई अधिकारियों को फटकार भी लगाई. उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाएं अगर धरातल पर नहीं उतरेगी तो सरकार की बदनामी होगी. जिन अधिकारियों की सरकार की योजनाओं को धरातल पर उतारने की जिम्मेदारी है अगर वह उसमें कोई कोताही बरतते हैं तो इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
मंत्री ने टोल फ्री नंबर जारी किया
मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने विभाग के तरफ से एक टोल फ्री नंबर भी जारी किया है. जिसपर राज्यवासी कॉल कर अपने घर-आसपास के खराब पड़े चापाकलों या पेयजल की समस्या से संबंधित जानकारी दे सकते हैं.


