Thursday, April 16, 2026

बिहार में जनगणना 2027 की शुरुआत 17 अप्रैल 2026 से होने जा रही है.

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बिहार में जनगणना 2027 का पहला चरण 17 अप्रैल 2026 से शुरू हो रहा है. पहले 15 दिनों तक लोग ऑनलाइन पोर्टल पर खुद अपने परिवार और घर की जानकारी भर सकेंगे. इसके बाद प्रगणक (Enumerator) घर पहुंचकर दर्ज जानकारी की जांच करेंगे. यह प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल और आसान बनाई गई है.

बिहार में जनगणना 2027 की शुरुआत 17 अप्रैल 2026 से होने जा रही है. पहले चरण में राज्य के लोगों को खुद अपनी जानकारी ऑनलाइन भरने का मौका मिलेगा. यह स्व-गणना प्रक्रिया 17 अप्रैल से 1 मई 2026 तक चलेगी. इस दौरान लोग घर बैठे जनगणना पोर्टल पर जाकर अपने परिवार और मकान से जुड़ी जानकारी दर्ज कर सकेंगे.

33 सवालों के जवाब भरने होंगे

सरकार ने इसके लिए आधिकारिक पोर्टल https://se.census.gov.in शुरू किया है. इस पोर्टल पर परिवार के मुखिया के नाम और परिवार के किसी एक सदस्य के मोबाइल नंबर से रजिस्ट्रेशन करना होगा. रजिस्ट्रेशन के बाद नागरिकों को 33 सवालों के जवाब भरने होंगे.

इन सवालों में मकान की स्थिति, फर्श, दीवार और छत किससे बनी है, कितने लोग रहते हैं, परिवार के सदस्यों की संख्या, पानी, बिजली, शौचालय, रसोई, गैस कनेक्शन, इंटरनेट, मोबाइल, वाहन और दूसरी जरूरी सुविधाओं की जानकारी मांगी जाएगी.

क्या बोले सीके अनिल

ऑनलाइन फॉर्म भरने के बाद हर परिवार को एक सेल्फ एन्यूमरेशन आईडी मिलेगी. इस आईडी को संभालकर रखना जरूरी होगा. अगले महीने जब प्रगणक घर आएंगे, तब यही आईडी उन्हें दिखानी होगी. इसके आधार पर वे दर्ज की गई जानकारी को वेरीफाई करेंगे.

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के प्रधान सचिव सीके अनिल ने कहा कि इस नई व्यवस्था से आम लोगों की सीधी भागीदारी बढ़ेगी. इससे जनगणना का काम ज्यादा सटीक, तेज और आधुनिक बनेगा. उन्होंने कहा कि यह कदम जनगणना प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल बनाने की दिशा में अहम पहल है.

बार-बार दफ्तर आने की जरूरत नहीं होगी

सरकार का कहना है कि इस ऑनलाइन व्यवस्था से लोगों को बार-बार दफ्तर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी और वे सुरक्षित तरीके से अपनी जानकारी खुद दर्ज कर सकेंगे. बिहार में पहली बार इस तरह की डिजिटल स्व-गणना व्यवस्था लागू की जा रही है. इससे जनगणना का काम ज्यादा आसान और पारदर्शी बनने की उम्मीद है.

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