मुख्यमंत्री बनने के बाद से सम्राट चौधरी एक्शन में दिख रहे हैं. लगातार दूसरे दिन सचिवालय पहुंचकर उन्होंने अफसरों के साथ बैठक की. उन्होंने विकास कार्यों में तेजी लाने के साथ भ्रष्टाचार पर सख्ती के भी निर्देश दिए.
बिहार के 24वें मुख्यमंत्री और भाजपा के पहले सीएम बने सम्राट चौधरी ने पद संभालते ही कामकाज की रफ्तार तेज कर दी है. शपथ लेने के बाद से ही वह लगातार एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं. गुरुवार को लगातार दूसरे दिन वह सचिवालय पहुंचे और अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की.
मुख्यमंत्री ने सभी विभागों के प्रधान सचिवों को तलब कर स्पष्ट निर्देश दिया कि विकास कार्यों में तेजी लाई जाए और भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो. उन्होंने कहा कि जनता की समस्याओं को संवेदनशीलता से समझकर उनका जल्द समाधान करना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए.
‘फाइल बढ़ाने की नहीं, समाधान की होनी चाहिए प्रवृत्ति’
सम्राट चौधरी ने अधिकारियों को दो टूक कहा कि केवल फाइल आगे बढ़ाने या पत्राचार करने की प्रवृत्ति खत्म होनी चाहिए. उन्होंने जोर देकर कहा कि हर स्तर पर काम तेजी से हो और जनता को राहत मिले. खासतौर पर भूमि विवाद जैसे मामलों में किसी तरह की जटिलता नहीं होनी चाहिए.
सचिवालय का निरीक्षण और प्रजेंटेशन भी लिया
बैठक के दौरान नगर विकास विभाग के प्रधान सचिव नवीन कुमार ने विभागीय योजनाओं पर प्रजेंटेशन दिया. मुख्यमंत्री ने सचिवालय का निरीक्षण भी किया और व्यवस्थाओं का जायजा लिया.
जेपी को दी श्रद्धांजलि, गुरुद्वारा भी पहुंचे
अपने व्यस्त कार्यक्रम के बीच मुख्यमंत्री ने जेपी आवास जाकर जयप्रकाश नारायण की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया. इसके बाद वह पटना साहिब स्थित गुरुद्वारा भी पहुंचे. इससे पहले सम्राट चौधरी ने 5, देशरत्न मार्ग स्थित आवास पर जनप्रतिनिधियों, पार्टी कार्यकर्ताओं और गणमान्य लोगों से मुलाकात की. इस दौरान बड़ी संख्या में लोगों ने उन्हें फूल, अंगवस्त्र और स्मृति चिन्ह देकर स्वागत किया. मुख्यमंत्री ने सभी का आभार जताया.

29 विभाग अपने पास रखे, बड़ा जिम्मा संभाला
मुख्यमंत्री ने विभागों का बंटवारा भी कर दिया है. उन्होंने गृह, स्वास्थ्य समेत कुल 29 विभाग अपने पास रखे हैं. वहीं उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी को 10 और बिजेंद्र प्रसाद यादव को 8 विभागों की जिम्मेदारी दी गई है.


