पटना में राजस्व सेवा अधिकारियों का आंदोलन डीसीएलआर बनाने की मांग को लेकर तेज हो गया है। अंचल और राजस्व अधिकारियों के सामूहिक अवकाश के बाद अब वरिष्ठ अधिकारी भी इसमें शामिल हो गए हैं।
पटना। पटना में राजस्व सेवा अधिकारियों का आंदोलन अब और व्यापक होता जा रहा है। डीसीएलआर बनाने की मांग को लेकर अंचल अधिकारी और राजस्व अधिकारी पहले से ही सामूहिक अवकाश पर हैं। अब इस आंदोलन में वरीय अधिकारियों की एंट्री ने इसे और मजबूत बना दिया है।
निलंबन से बढ़ा असंतोष
Bihar Revenue Service के अधिकारियों में विभागीय कार्रवाई को लेकर नाराजगी बढ़ती जा रही है। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा 35 अंचल अधिकारियों को निलंबित किए जाने के बाद विरोध और तेज हो गया है। इससे पहले भी छह अधिकारियों पर कार्रवाई हो चुकी है।
बड़े अधिकारी भी हुए शामिल
संघर्ष मोर्चा के प्रवक्ता आदित्य शिवम शंकर के अनुसार अब इस आंदोलन में वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हो रहे हैं। इससे आंदोलन को नई ताकत मिल रही है और सरकार पर दबाव भी बढ़ रहा है।
कई जिलों से मिल रहा समर्थन
राजस्व सर्वे प्रशिक्षण संस्थान के प्राचार्य दिव्य राज गणेश, पूर्णिया के अपर जिला भू अर्जन पदाधिकारी राजेश रंजन और भागलपुर के बिक्रम भास्कर झा जैसे अधिकारी भी इस आंदोलन में कूद पड़े हैं। इसके अलावा अन्य जिलों से भी अधिकारियों के जुड़ने की खबर है।
संघर्ष मोर्चा का दावा
बिहार राजस्व सेवा संयुक्त संघर्ष मोर्चा का कहना है कि यह लड़ाई संवर्ग के हितों के लिए लड़ी जा रही है। प्रवक्ता ने दावा किया कि एक दर्जन से अधिक अधिकारी विभिन्न जिलों से सामूहिक अवकाश में शामिल हो चुके हैं।
सरकार पर बढ़ता दबाव
आंदोलन के लगातार विस्तार और वरिष्ठ अधिकारियों के शामिल होने से सरकार पर दबाव बढ़ता जा रहा है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सरकार और अधिकारियों के बीच टकराव और बढ़ सकता है, जिससे प्रशासनिक कामकाज भी प्रभावित होने की आशंका है।


