देवघर: अखिल भारतीय मध्यदेशीय वेश्य सभा का दो दिवसीय 46वां राष्ट्रीय अधिवेशन रविवार को देवघर में समाप्त हुआ. यह अधिवेशन शनिवार को शुरू हुआ था. इस राष्ट्रीय अधिवेशन में देशभर से वैश्य समाज के लोग पहुंचे. इस 46वें अधिवेशन में मनोज मध्यदेशीय के सर्वसम्मति से राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया. मनोज मध्यदेशीय के राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने जाने के बाद कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह देखा गया और देश भर से आए कार्यकर्ताओं ने उन्हें बधाई दी.
राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद मनोज मध्यदेशीय ने समाज को संबोधित करते हुए कहा कि आज सबसे बड़ी आवश्यकता संगठन को मजबूत करने की है. उन्होंने कहा कि वैश्य समाज हमेशा ही व्यापार के क्षेत्र में आगे रहा है. लेकिन अब आने वाले समय में राजनीतिक क्षेत्र में भी वह अपनी भागीदारी दिखाने का काम करेगा. उन्होंने बताया कि पूरे देश में वैश्य समाज की संख्या के अनुसार आज राजनीतिक भागीदारी उस तुलना में काफी कम है.
अधिवेशन में कारोबारियों को लेकर हुई चर्चा
अधिवेशन में वैश्य समाज के द्वारा किए जा रहे कारोबार में आ रही समस्याओं पर भी चर्चा हुई. अधिवेशन में पहुंचे राज्य भर के वैश्य समाज के कारोबारियों ने सबसे बड़ी समस्या दूसरे देश में व्यापार प्रक्रिया में आ रही संकट को बताया गया. वहीं अधिवेशन में सभी राज्यों से आए प्रतिनिधियों ने अपने-अपने राज्यों की प्रगति रिपोर्ट को दर्शाया और अपने क्षेत्र में बेहतर कार्य करने का संकल्प लिया.
सम्मेलन में पहुंचे आरा सांसद सुदामा प्रसाद
इस अधिवेशन में मुख्य अतिथि के रूप में आरा लोकसभा सांसद सुदामा प्रसाद भी पहुंचे थे. उन्होंने कहा कि आने वाले समय में वैश्य/मध्यदेशीय वर्ग के युवा समाज को मजबूत और सशक्त बनाने का काम करेंगे. अधिवेशन में पुरानी कमेटी को भंग कर नई कार्यकारिणी कमेटी का गठन किया गया. नई कार्यकारिणी कमेटी में राष्ट्रीय महामंत्री नरेंद्र प्रसाद गुप्ता, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष कुंदन गुप्ता और महिला राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रीति गुप्ता को कई जिम्मेदारी देते हुए सभी को इस पद पर सुशोभित होने की शुभकामनाएं भी दी गईं.


