पलामू: झारखंड में भाषा को लेकर उठे विवाद के बीच भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने बड़े स्तर पर आंदोलन की घोषणा की है. आंदोलन की शुरुआत पलामू से होगी, जिसमें हजारों युवा शामिल होंगे. इस आंदोलन का नेतृत्व BJP युवा मोर्चा कर रहा है.
झारखंड पात्रता परीक्षा (Jharkhand Eligibility Test) में पलामू, गढ़वा और लातेहार जिलों के लिए स्थानीय भाषा के रूप में नागपुरी और कुडुख (उरांव) का चयन किया गया है. जबकि इन इलाकों में सबसे अधिक भोजपुरी, नागपुरी और अंगिका बोली जाती है. BJP ने इसे पलामू क्षेत्र के साथ “सौतेला व्यवहार” बताया है.
प्रेस कॉन्फ्रेंस कर लगाया सौतेला व्यवहार का आरोप
गुरुवार को पलामू में BJP युवा मोर्चा की ओर से आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस आंदोलन की रूपरेखा साफ की गई. प्रेस कॉन्फ्रेंस में BJP विधायक डॉ. शशि भूषण मेहता और आलोक चौरसिया ने भी हिस्सा लिया. इसमें विधायक आलोक चौरसिया ने कहा, “पलामू के साथ सरकार सौतेला व्यवहार कर रही है. यहां के लोग और युवा अब चुप नहीं बैठेंगे. डालटनगंज से लेकर रांची तक आंदोलन चलेगा. हर बार पलामू के इलाके के लोगों के साथ छलावा किया जा रहा है.”
वहीं, विधायक डॉ. शशि भूषण मेहता ने कहा, “भाषा के मुद्दे को विधानसभा में कई बार उठाया गया, लेकिन सरकार लगातार इलाके के लोगों के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है. यहां के युवा कुडुख जैसी भाषा नहीं जानते और न ही इसकी पढ़ाई होती है. BJP इस मुद्दे पर मजबूती से आंदोलन करेगी.”
शुक्रवार को मानव श्रृंखला, फिर रांची मार्च
BJP युवा मोर्चा शुक्रवार को मानव श्रृंखला बनाकर भाषा नीति के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराएगा. इसके बाद आंदोलन को पूरे राज्य स्तर पर फैलाते हुए रांची तक ले जाया जाएगा. प्रेस कॉन्फ्रेंस में BJP के जिला अध्यक्ष अमित तिवारी, युवा मोर्चा के जिला अध्यक्ष विपुल गुप्ता, वरिष्ठ भाजपा नेता श्यामनारायण दुबे समेत कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे.


