Thursday, April 9, 2026

सरकार ने हवाई किराया किफायती रखने के लिए घरेलू उड़ानों के लैंडिंग और पार्किंग शुल्कों में 25% कटौती की तत्काल घोषणा की है.

Share

नई दिल्ली: देश में हवाई यात्रा को आम नागरिक की पहुंच में बनाए रखने के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है. केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने बुधवार को घरेलू एयरलाइंस के लिए लैंडिंग और पार्किंग शुल्कों में 25 प्रतिशत की कटौती करने की घोषणा की. इस निर्णय का मुख्य उद्देश्य पश्चिम एशिया (मिडल ईस्ट) में जारी तनाव के कारण विमान ईंधन (ATF) की बढ़ती कीमतों के बोझ से यात्रियों को बचाना है.

किराये पर नियंत्रण और एयरलाइंस को राहत
नागरिक उड्डयन मंत्रालय द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, यह कटौती तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है और अगले तीन महीनों तक प्रभावी रहेगी. अनुमान है कि इस अवधि के दौरान देश के प्रमुख हवाई अड्डों पर एयरलाइंस को लगभग 400 करोड़ रुपये की बचत होगी. मंत्री नायडू ने स्पष्ट किया कि वैश्विक स्तर पर जेट ईंधन की कीमतों में 100 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई है, लेकिन सरकार ने घरेलू स्तर पर इसका केवल 25 प्रतिशत हिस्सा ही बढ़ने दिया है. अब लैंडिंग-पार्किंग शुल्कों में कमी आने से एयरलाइंस पर परिचालन लागत का दबाव कम होगा, जिससे वे हवाई किराए में बढ़ोतरी नहीं करेंगी.

सभी हवाई अड्डों पर लागू होंगे नियम
सरकार ने भारतीय विमानपत्तन आर्थिक नियामक प्राधिकरण (AERA) को निर्देश दिया है कि वह अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाले सभी प्रमुख हवाई अड्डों पर शुल्कों में 25% की कमी सुनिश्चित करे. यदि इस कटौती के कारण हवाई अड्डा संचालकों को राजस्व का नुकसान होता है, तो उसकी भरपाई अगले पांच वर्षों के टैरिफ निर्धारण चक्र में की जाएगी. इसी तरह, भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) को भी निर्देश दिए गए हैं कि वह अपने नियंत्रण वाले सभी गैर-प्रमुख हवाई अड्डों पर घरेलू उड़ानों के लिए इन शुल्कों को कम करे.

सरकार का दृष्टिकोण
नागरिक उड्डयन मंत्री ने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हमारा प्राथमिक लक्ष्य हवाई यात्रा को किफायती और सुविधाजनक बनाना है. वैश्विक संकट के बावजूद, हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि ईंधन की बढ़ती लागत का सीधा असर यात्रियों की जेब पर न पड़े. यह हस्तक्षेप घरेलू विमानन क्षेत्र को स्थिर रखने और यात्रियों के लिए ‘ईज ऑफ फ्लाइंग’ (Ease of Flying) सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.”

मंत्रालय ने कहा है कि वह स्थिति पर पैनी नजर रख रहा है और यदि आवश्यक हुआ, तो हवाई संचालन की व्यवहार्यता और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आगे भी जरूरी कदम उठाए जाएंगे.

Read more

Local News