धनबाद: आईआईटी आईएसएम में आयोजित दो दिवसीय ‘इनवेंटिव 2026’ का भव्य आगाज हुआ. कार्यक्रम का उद्घाटन राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने किया. इस दौरान उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम देश के लिए एक अहम पहल है. उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि यह सिर्फ एक आयोजन नहीं, बल्कि भारत के नवाचार, अनुसंधान और भविष्य की दिशा तय करने वाला सशक्त मंच है.
राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने कहा कि इस मंच पर नवाचार, निवेश, शोध और नीति एक साथ आकर देश को नई दिशा देने का काम कर रहे हैं. यह भारत की बौद्धिक क्षमता और संभावनाओं का मजबूत उदाहरण है. उन्होंने उम्मीद जताई कि इस कार्यक्रम से नए संवाद, साझेदारियां और अवसर सामने आएंगे. जो स्टार्टअप, अत्याधुनिक तकनीक और रोजगार के नए रास्ते खोलेंगे.
भारत को अपनी क्षमताओं को और करना होगा मजबूत: राज्यपाल
राज्यपाल ने वैश्विक चुनौतियों का जिक्र करते हुए कहा कि भारत को अपनी क्षमताओं को और मजबूत बनाना होगा. प्रौद्योगिकी, ऊर्जा और अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों में आत्मनिर्भर बनने के साथ-साथ वैश्विक साझेदार के रूप में भी आगे बढ़ना जरूरी है. राज्यपाल ने कहा कि इस उद्घाटन समारोह में नेशनल हेल्थ अथॉरिटी के सीईओ डॉ सुनील के बर्नवाल, जुरी इंडस्ट्रीज के एमडी अतहर शहाब, टाटा स्टील के संदीप कुमार, डॉ शिर्षेंदु मुखर्जी और रिंयू की को-फाउंडर वैशाली निगम सिन्हा समेत कई विशिष्ट अतिथि मौजूद रहे.
कार्यक्रम में देशभर के 15 आईआईटी, 7 एनआईटी और आईआईएसईआर जैसे प्रमुख संस्थानों के निदेशक भी शामिल हो रहे हैं. ‘इनवेंटिव 2026’ शोध को व्यावहारिक रूप देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. इसका उद्देश्य नई तकनीकों और शोध को सीधे समाज और उद्योग के उपयोग में लाना है. कार्यक्रम के दौरान लगभग 200 स्टॉलों पर विभिन्न नवाचारों और तकनीकों की प्रदर्शनी भी लगाई गई है.


