धनबाद: झारखंड के पारा शिक्षक सह सहायक अध्यापक अब अपने अधिकारों को लेकर एकजुट हो गए हैं. राज्य सरकार से आकलन परीक्षा को टेट के समकक्ष मान्यता देने की मांग तेज हो गई है. मांग पूरी नहीं होने की स्थिति में आंदोलन की चेतावनी दी है. इसी कड़ी में झारखंड सहायक अध्यापक संघर्ष मोर्चा द्वारा राज्यभर में बैठकें आयोजित की जा रही हैं. धनबाद में भी मोर्चा की महत्वपूर्ण बैठक हुई. जिसमें मांगों पर विस्तार से चर्चा और आगामी आंदोलन की रणनीति तैयार की गई.
धनबाद में झारखंड सहायक अध्यापक संघर्ष मोर्चा की बैठक में पारा शिक्षक सह सहायक अध्यापकों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर सरकार के प्रति नाराजगी जाहिर की. बैठक में मुख्य रूप से आकलन परीक्षा को शिक्षक पात्रता परीक्षा (टेट) के समतुल्य घोषित करने की मांग उठाई गई. मोर्चा के जिला अध्यक्ष अशोक चक्रवर्ती ने कहा कि वर्ष 2002 से सहायक अध्यापक लगातार सेवा दे रहे हैं. लेकिन 24 वर्षों के लंबे समय के बाद भी उन्हें उनका पूर्ण अधिकार नहीं मिल सका है.
मांग पूरी नहीं होने पर होगा सीएम आवास का घेराव
अशोक चक्रवर्ती ने कहा कि आकलन परीक्षा पास शिक्षकों को टेट के समकक्ष मान्यता मिलने से उन्हें स्थायी शिक्षक का दर्जा और अन्य सरकारी सुविधाएं मिल सकेंगी. इसके अलावा अनुकंपा के आधार पर नौकरी देने की मांग भी प्रमुख रूप से उठाई गई. बैठक में यह निर्णय लिया गया कि यदि 12 मार्च तक सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेती है तो 18 मार्च को रांची में मुख्यमंत्री आवास का घेराव किया जाएगा.
जिला स्तर पर आंदोलन को सफल बनाने के लिए रणनीति भी बनाई गई और सभी शिक्षकों से बड़ी संख्या में रांची पहुंचने का आह्वान किया गया. अशोक चक्रवर्ती ने बताया कि धनबाद जिले में लगभग 2650 सहायक अध्यापक कार्यरत हैं, जबकि पूरे झारखंड में इनकी संख्या करीब 60 हजार है. ऐसे में इस आंदोलन के राज्यव्यापी रूप लेने की संभावना है. अशोक चक्रवर्ती ने कहा कि वे लोग पिछले कई वर्षों से सेवा दे रहे हैं. लेकिन आज तक उन्हें स्थायित्व नहीं मिला है. शिक्षकों की मांग है कि आकलन परीक्षा को टेट के समतुल्य घोषित किया जाए, ताकि उन्हें अधिकार मिल सके.


