Sunday, April 5, 2026

झारखंड में एक मई से नई नियमावली से बार संचालन की तैयारी है, अब रात 12 बजे तक बार संचालित करने की बाध्यता भी समाप्त होगी।

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झारखंड में 1 मई से बार संचालन के लिए नई नियमावली लागू होगी, जिससे रात 12 बजे तक बार बंद करने की बाध्यता समाप्त हो जाएगी। पांच सितारा होटलों में सुबह 4 बजे तक शराब परोसने का प्रावधान है।

रांची। झारखंड में एक मई से नई नियमावली से बार संचालन की तैयारी है। अब रात 12 बजे तक बार संचालित करने की बाध्यता भी समाप्त होगी।

हालांकि, बार संचालकों को लाइसेंस शुल्क सहित कई नियम व शर्तों का पालन करना पड़ेगा। इन सभी बिंदुओं पर बार संचालन के लिए संशोधित नियमावली पर विभाग में काम चल रहा है।

उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग ने गत 26 मार्च को झारखंड उत्पाद (मदिरा की खुदरा बिक्री के लिए दुकानों की बंदोबस्ती व संचालन) (संशोधन) नियमावली 2026 को अधिसूचित किया था।

यह खुदरा शराब दुकानों के संचालन से संबंधित नियमावली है, जिसे कुछ संशोधनों के साथ लागू किया गया है। इस संशोधित नियमावली को तैयार करने व अधिसूचित करने के चलते बार संचालन के लिए तैयार हो रही नियमावली में वक्त लगा है।

इस नियमावली को भी एक अप्रैल से पहले अधिसूचित किए जाने की योजना थी, जो नहीं हो सकी। अब अप्रैल के अंत तक इसे अधिसूचित कर दिया जाएगा।

एक मई से राज्य में बार व रेस्टोरेंट का संचालन झारखंड उत्पाद होटल, रेस्तरां, बार एवं क्लब (अनुज्ञापन एवं संचालन) नियमावली 2026 के तहत होने लगेगा।

इस नई नियमावली का प्रारूप पूर्व में ही आम जनता व स्टेक होल्डर्स के लिए जारी कर दिया गया था और इसपर उनसे आपत्तियां भी मांगी गई थी, ताकि उसमें सुधार किया जा सके।

इस नियमावली पर आपत्तियां भी आईं हैं, जिसपर विभाग में अधिकारी विचार-विमर्श कर रहे हैं। सभी आपत्तियों पर विचार के बाद ही उसे अंतिम रूप से अधिसूचित किया जाएगा।

बार, रेस्टोरेंट, होटल व क्लब के लिए जो नियमावली तैयार की गई है, उसके अनुसार पांच सितारा होटलों में सुबह के चार बजे तक शराब परोसने का प्रविधान किया गया है।

अलग-अलग जिलों में अलग-अलग समय व शुल्क का निर्धारण किया गया है। प्रस्तावित नियमावली पर व्यवसायियों ने कुछ बिंदुओं पर आपत्ति जताई थी, जिनमें जमानत की राशि व लाइसेंस शुल्क में वृद्धि का मामला था।

इसमें वैट को शामिल करने को एसोसिएशन ने व्यवसाय के हित के विरुद्ध बताया था। उनका कहना था कि जब पहले से जीएसटी लगा है तो उसपर वैट लगाने से टैक्स की दोहरी मार व्यवसायियों को झेलनी पड़ेगी।

इससे शराब की कीमतें भी बढ़ेंगी और उपभोक्ता तथा पर्यटन पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। इन सभी बिंदुओं पर उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग विचार कर रहा है।

सभी बिंदुओं पर विचार के बाद ही अंतिम रूप से नियमावली अधिसूचित होकर प्रभाव में आएगी।

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