भारतीय शेयर बाजार के लिए गुरुवार, 2 अप्रैल 2026 का दिन ‘रोलर-कोस्टर राइड’ जैसा रहा. सुबह के कारोबार में जहां निवेशकों के बीच हाहाकार मचा था और बाजार ताश के पत्तों की तरह ढहता नजर आ रहा था, वहीं दोपहर होते-होते बाजार ने शानदार वापसी (रिकवरी) कर सबको हैरान कर दिया. निचले स्तरों पर ब्लू-चिप आईटी (IT) शेयरों में हुई जोरदार लिवाली ने बाजार को फिर से हरे निशान में ला खड़ा किया.
सुबह की बड़ी गिरावट: क्यों डरे थे निवेशक?
कारोबार की शुरुआत बेहद निराशाजनक रही. वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में आए अचानक उछाल ने निवेशकों के सेंटिमेंट को बिगाड़ दिया. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का 30 शेयरों वाला सूचकांक ‘सेंसेक्स’ शुरुआती सत्र में 1,588.51 अंक गिरकर 71,545.81 के निचले स्तर पर पहुंच गया. इसी तरह, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का ‘निफ्टी’ भी 496.85 अंक (2.19%) की भारी गिरावट के साथ 22,182.55 के स्तर तक लुढ़क गया था.
बाजार में इस गिरावट का मुख्य कारण विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की लगातार बिकवाली और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ब्रेंट क्रूड ऑयल (Brent Crude) का 108 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल जाना रहा.
दोपहर का सत्र: IT शेयरों ने संभाली कमान
जब बाजार अपने निचले स्तरों पर था, तब बड़े निवेशकों और घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने दिग्गज आईटी कंपनियों के शेयरों में खरीदारी का सुनहरा मौका देखा. आईटी सेक्टर के ‘दिग्गजों’ जैसे HCL Technologies, Tech Mahindra, TCS और Infosys में 3 प्रतिशत तक का उछाल देखा गया.
इस खरीदारी के दम पर सेंसेक्स ने अपनी पूरी गिरावट को पाट दिया और दोपहर के कारोबार में 73,255.52 के स्तर पर पहुंच गया, जो पिछले बंद से 121.2 अंक (0.16%) ऊपर था. निफ्टी भी रिकवर होकर 22,706.65 के स्तर पर कारोबार करता देखा गया.
कौन रहे आज के ‘सितारे’ और ‘लगातार पिछड़ने वाले’?
मुनाफा कमाने वाले: आईटी सेक्टर के अलावा मारुति सुजुकी, ट्रेंट, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स (BEL), बजाज फाइनेंस, एचडीएफसी बैंक और आईटीसी के शेयरों में भी तेजी रही.
घाटे में रहने वाले: रिकवरी के बावजूद कुछ बड़े शेयरों पर दबाव बना रहा. इनमें रिलायंस इंडस्ट्रीज, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI), एशियन पेंट्स, सन फार्मा, एनटीपीसी, पावरग्रिड और अदाणी पोर्ट्स जैसे शेयर शामिल थे.
वैश्विक बाजारों का हाल
भारतीय बाजार की रिकवरी इसलिए भी महत्वपूर्ण रही क्योंकि वैश्विक स्तर पर स्थिति कमजोर थी. दक्षिण कोरिया का ‘कोस्पी’ 4.47% और जापान का ‘निक्केई’ 2.40% गिरकर बंद हुआ. यूरोपीय बाजारों में भी जर्मनी का ‘DAX’ और फ्रांस का ‘CAC 40’ गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे.
बाजार के जानकारों का मानना है कि भले ही आज निचले स्तरों से रिकवरी हुई है, लेकिन कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और वैश्विक तनाव अभी भी चिंता का विषय बने हुए हैं. निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे सावधानी बरतें और केवल मजबूत फंडामेंटल वाले शेयरों में ही निवेश करें


