Thursday, April 2, 2026

पुलिस की जांच में सामने आई ये बात, पलामू के कई युवा आपराधिक गिरोह के ग्लैमर को देखकर उनसे जुड़ रहे हैं.

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पलामू: एक इलाका जो कभी नक्सल लीडर और नक्सल कैडर के लिए चर्चित था. अब वह इलाका आपराधिक गिरोह के शूटर और गुर्गों के लिए चर्चित हो रहा है. पलामू के युवाओं को आपराधिक गिरोह का ग्लैमर, उनके सोशल मीडिया पर रील्स लुभा रहा है. बिना सोचे समझे युवा विभिन्न आपराधिक गिरोह से जुड़ रहे हैं.

पलामू के युवाओं का संबंध दाऊद इब्राहीम गिरोह से लेकर प्रिंस खान गिरोह से जुड़ा है. झारखंड के बड़े आपराधिक गिरोह में पलामू के शूटर और गुर्गे शामिल हैं. पुलिस की जांच में कई ऐसे नाम मिले हैं, जो पलामू के हैं और बड़े अपराधी गिरोह के लिए कार्य कर रहे हैं.

पलामू से गुर्गे एवं शूटर

झारखंड के प्रिंस खान, सूजीत सिन्हा, पांडेय गिरोह जैसे कई आपराधिक गिरोह में पलामू के रहने वाले गुर्गे एवं शूटर शामिल हैं. राज्य में प्रिंस खान के खिलाफ कई बड़ी कार्रवाई हुई है. प्रिंस खान एवं सुजीत सिन्हा के बीच की कड़ी, जो कुबेर के नाम से जाना जाता है, वह पलामू का रहने वाला है. कुबेर का वास्तविक नाम अमन सिंह है और वह पलामू के चैनपुर का रहने वाला है.

हुसैनाबाद के कुछ लड़कों का संबंध प्रिंस खान गैंग से

इसी तरह प्रिंस खान गिरोह से अभिषेक, अमित चौधरी समेत कई नाम है, जो जुड़े हुए हैं. पलामू के हुसैनाबाद के रहने वाले कुछ लड़कों का संबंध सीधे प्रिंस खान से निकलकर सामने आया है. कुछ साल पहले पलामू के छतरपुर के रहने वाले एक व्यक्ति का संबंध दाऊद इब्राहीम गिरोह से हुआ करता था.

पलामू के युवा सोशल मीडिया के माध्यम से विभिन्न अपराधी गिरोह से नजदीकी बढ़ा रहे हैं. आपराधिक गिरोह सोशल साइट से पलामू के युवाओं को जोड़ती है और उनसे आपराधिक घटनाओं को अंजाम देने के लिए लालच देती है. सोशल मीडिया पर आपराधिक गिरोह की तरह रील्स बनाना और उसे अपलोड करना अपराध की तरफ कदम को बढ़ा रहा है. पिछले तीन से चार सालों में पलामू पुलिस ने कई मुकदमों का अनुसंधान किया है, जिसमें इस बात की जानकारी निकलकर सामने आई है कि सोशल मीडिया के माध्यम से युवा आपराधिक गिरोह से जुड़े थे और उनके संपर्क में थे.

कई मामलों का उद्वेदन हुआ है और एक जेनरल ट्रेंड देखा गया है कि इंटरनेट की दुनिया में बिना सोचे समझे लोग आपराधिक गिरोह से जुड़ रहे हैं. उनके इशारे पर कुछ पैसों के लिए घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं. यह लोग आपराधिक गिरोह से कॉन्ट्रैक्ट लेते हैं और उनका कार्य करते हैं. हाल के दिनों में पुलिस ने कई मुकदमों और घटनाओं का अनुसंधान किया है. यहां के लोग बाहर काम करने जाते हैं और वहां के माहौल में ढल जाते हैं. उसके बाद भी पलामू वापस लौटने के बाद आपराधिक घटनाओं में शामिल हो जाते हैं. ऐसे कई उदाहरण पलामू पुलिस के सामने आए हैं. हथियार और ग्लैमर की दुनिया में इंटरनेट पर फेमस रहने के लिए बहुत सारे लोग आपराधिक गिरोह से जुड़ जा रहे हैं: रीष्मा रमेशन, एसपी, पलामू

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