cन-जुलाई में संभावित प्रकोप को देखते हुए 30 करोड़ से अधिक ओआरएस पैकेट और जिंक टैबलेट तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं।
पटना। गर्मी बढऩे के साथ डायरिया की रोकथाम की दिशा में स्वास्थ्य विभाग ने कवायद शुरू कर दी है। भीषण गर्मी और नमी वाले जून-जुलाई में डायरिया का प्रकोप अधिक बढ़ता है। इसमें बच्चों, गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों को सर्वाधिक परेशानी होती है।
इसे देखते हुए राज्य स्वास्थ्य समिति ने सभी जिलों में 30 करोड़ से अधिक ओआरएस के पैकेट और जिंक के टैबलेट तैयार रखने के निर्देश दिए हैं। सिविल सर्जनों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने जिले के लिए आनलाइन मांग छह अप्रैल तक कर दें। इसकी आपूर्ति 15 मई तक अचूक रूप से उपब्ध कराई जाएगी।
आबादी के अनुसार दवाओं की होगी आपूर्ति
समिति की ओर से सभी जिलों के सिविल सर्जनों को ओआरएस और जिंक टैबलेट की उपलब्धता सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया है। जिलों की आबादी के अनुसार दवाओं की आपूर्ति होगी। समिति ने जून-जुलाई में सभी जिलों में डायरिया को रोकने का अभियान चलाने को भी कहा है।
सबसे अधिक इस जिले में होगा आवंटित
ओआरएस और जिंक टैबलेट 20 एमजी का वितरण सभी पांच वर्ष उम्र तक के बच्चों को घरों में आशा द्वारा किया जाएगा। अस्पतालों में डायरिया प्रभावित बच्चों के इलाज के लिए ओआरएस और जिंक कार्नर का संचालन किया जाएगा।
सबसे अधिक 21 लाख ओआरएस और एक करोड़ 40 लाख से अधिक जिंक टैबलेट पूर्वी चंपारण जिले को जबकि 20 लाख 24 हजार 208 ओआरएस पैकेट और एक करोड़ 30 लाख 62 हजार जिंक टैबलेट पटना जिले को आवंटित किए गए हैं।


