आज से नए वित्तीय वर्ष (2026-27) की शुरुआत हो चुकी है. यह तारीख केवल कैलेंडर बदलने तक सीमित नहीं है, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था और आम आदमी की वित्तीय योजनाओं में एक बड़े बदलाव का संकेत है. केंद्र सरकार और नियामक संस्थाओं द्वारा घोषित 8 प्रमुख नियम आज से प्रभावी हो गए हैं, जिनका सीधा प्रभाव आपकी सैलरी, टैक्स, सफर और डिजिटल लेनदेन पर पड़ेगा.
1. ‘आयकर अधिनियम 2025’ का उदय
आज से छह दशक पुराना आयकर अधिनियम-1961 इतिहास का हिस्सा बन गया है. इसकी जगह अब ‘आयकर अधिनियम 2025’ ने ले ली है. इस नए कानून का मुख्य उद्देश्य कर प्रक्रियाओं को सरल बनाना है. अब ‘असेसमेंट ईयर’ (AY) और ‘प्रीवियस ईयर’ (PY) जैसे तकनीकी शब्दों के बजाय केवल ‘टैक्स ईयर’ का उपयोग किया जाएगा. वर्तमान अवधि अब सीधे ‘टैक्स ईयर 2026-27’ कहलाएगी, जिससे करदाताओं के लिए भ्रम की स्थिति समाप्त होगी.
2. कमर्शियल LPG के दामों में भारी उछाल
महीने के पहले दिन ही महंगाई का झटका लगा है. कमर्शियल गैस सिलेंडर (19 किलोग्राम) की कीमतों में 218 रुपये की भारी बढ़ोतरी की गई है. इस संशोधन के बाद, दिल्ली में जो सिलेंडर कल तक 1,883 रुपये में मिलता था, वह अब 2,078.50 रुपये का हो गया है. हालांकि, राहत की बात यह है कि घरेलू रसोई गैस (14.2 किलोग्राम) की कीमतों को फिलहाल स्थिर रखा गया है.
3. नया लेबर कोड: कम होगी ‘इन-हैंड’ सैलरी
सरकार द्वारा नए लेबर कोड को हरी झंडी दिए जाने के बाद निजी और सरकारी क्षेत्र की कंपनियों को अपना सैलरी स्ट्रक्चर बदलना होगा. नए नियमों के अनुसार, किसी भी कर्मचारी का मूल वेतन (Basic Pay) उसके कुल सीटीसी (CTC) का कम से कम 50% होना अनिवार्य है. इसका परिणाम यह होगा कि आपके भविष्य निधि (PF) और ग्रेच्युटी में योगदान बढ़ जाएगा. लंबी अवधि में यह बचत के लिए बेहतर है, लेकिन आपकी मासिक ‘टेक-होम’ सैलरी में कटौती दर्ज की जाएगी.
4. रेलवे टिकट रिफंड के कड़े नियम
भारतीय रेलवे ने अपनी रिफंड पॉलिसी में बड़ा बदलाव किया है. अब ट्रेन प्रस्थान समय से 8 घंटे के भीतर टिकट कैंसिल करने पर कोई रिफंड नहीं दिया जाएगा. यदि टिकट 8 से 24 घंटे पहले कैंसिल किया जाता है, तो 50% राशि काटी जाएगी, जबकि 24 से 72 घंटे पहले कैंसिलेशन पर 25% की कटौती होगी. हालांकि, यात्रियों की सुविधा के लिए बोर्डिंग पॉइंट बदलने का विकल्प अब ट्रेन छूटने के 30 मिनट पहले तक उपलब्ध रहेगा.
5. PAN कार्ड के लिए अब सिर्फ आधार काफी नहीं
पहचान पत्र के नियमों को और सख्त करते हुए, अब नए पैन कार्ड आवेदन के लिए केवल आधार कार्ड को जन्मतिथि के प्रमाण के रूप में स्वीकार नहीं किया जाएगा. आवेदकों को अब जन्म प्रमाण पत्र (Birth Certificate), 10वीं की मार्कशीट या पासपोर्ट जैसे दस्तावेज देने होंगे. साथ ही, पैन कार्ड पर नाम और विवरण पूरी तरह आधार के अनुसार ही अंकित किए जाएंगे.
6. फास्टैग (FASTag) हुआ महंगा
नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने टोल पास की कीमतों में वृद्धि की है. गैर-व्यावसायिक वाहनों के लिए वार्षिक फास्टैग पास अब 3,000 रुपये के बजाय 3,075 रुपये में मिलेगा. यह पास एक वर्ष या 200 टोल क्रॉसिंग (जो भी पहले हो) के लिए वैध होगा.
7. साप्ताहिक क्रेडिट स्कोर अपडेट
आरबीआई के निर्देशानुसार, अब बैंक और वित्तीय संस्थान प्रत्येक 7 दिनों में लोन और क्रेडिट डेटा सिबिल (CIBIL) जैसी कंपनियों को रिपोर्ट करेंगे. पहले यह प्रक्रिया 15 दिनों में होती थी. इससे ग्राहकों का क्रेडिट स्कोर अधिक सटीक और अपडेटेड रहेगा, जिससे लोन प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी.
8. सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) पर टैक्स
निवेशकों के लिए एक महत्वपूर्ण बदलाव यह है कि यदि आप स्टॉक एक्सचेंज (सेकेंडरी मार्केट) से गोल्ड बॉन्ड खरीदते हैं, तो मुनाफे पर 12.5% लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स देय होगा. पूर्ण कर छूट का लाभ केवल उन्हीं को मिलेगा जो सीधे आरबीआई से बॉन्ड खरीदकर मैच्योरिटी (8 साल) तक उसे बनाए रखेंगे.
इसके अतिरिक्त, डिजिटल सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए यूपीआई (UPI) और कार्ड भुगतान के लिए अब ‘टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन’ अनिवार्य कर दिया गया है, जिससे ऑनलाइन धोखाधड़ी पर लगाम लगने की उम्मीद है.


