मुंबई: बुधवार को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत एक जोरदार ‘गैप-अप’ ओपनिंग के साथ हुई. पिछले एक महीने से जारी ईरान और अमेरिका के बीच तनाव में कमी आने की खबरों ने निवेशकों के उत्साह को चरम पर पहुंचा दिया. बाजार खुलते ही सेंसेक्स और निफ्टी में 2.5 प्रतिशत से अधिक की तेजी देखी गई.
मार्केट का ताजा हाल
सप्ताह के तीसरे कारोबारी दिन, बीएसई (BSE) का प्रमुख इंडेक्स सेंसेक्स 1,814 अंक (2.52%) की छलांग लगाकर 73,762 के स्तर पर खुला. वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 भी 567 अंक (2.54%) चढ़कर 22,899 पर पहुंच गया. इस बढ़त के साथ ही निवेशकों की संपत्ति में मिनटों में लाखों करोड़ों का इजाफा हुआ.
तेजी के मुख्य कारण
बाजार में इस रिकवरी के पीछे सबसे बड़ी वजह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का वह बयान है, जिसमें उन्होंने संकेत दिया कि ईरान पर सैन्य हमले अगले तीन हफ्तों के भीतर रोके जा सकते हैं. ट्रंप ने यह भी कहा कि युद्ध समाप्त करने के लिए तेहरान को किसी कड़ी डील की पूर्व शर्त की आवश्यकता नहीं हो सकती है.
इस खबर ने वैश्विक बाजारों में सकारात्मक ऊर्जा भर दी. एशिया के अन्य बाजारों में भी जबरदस्त रौनक रही; जापान का निक्केई 4% और दक्षिण कोरिया का कोस्पी 6% तक उछल गया.
सेक्टरवार प्रदर्शन
आज के कारोबार में चौतरफा खरीदारी देखने को मिल रही है. बैंकिंग, ऑटो और आईटी (IT) शेयरों में सबसे ज्यादा बढ़त है.
- ऑटो सेक्टर: आज ऑटो कंपनियों के बिक्री के आंकड़े (Sales Numbers) आने वाले हैं, जिससे इस सेक्टर में काफी हलचल है.
- मिडकैक और स्मॉलकैप: छोटे और मझोले शेयरों में भी 2 से 3 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई है, जो यह दर्शाता है कि खुदरा निवेशकों का भरोसा वापस लौट रहा है.
सावधानी की सलाह
हालांकि बाजार में आज बड़ी बढ़त है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि मार्च के महीने में बाजार 10% से ज्यादा टूट चुका है. विश्लेषकों का कहना है कि निवेशकों को अभी भी “वेट एंड वॉच” की नीति अपनानी चाहिए. जब तक निफ्टी 24,000 के स्तर को पार कर वहां टिक नहीं जाता, तब तक इसे पूरी तरह से ‘बुलिश ट्रेंड’ नहीं माना जा सकता.
संस्थानिक आंकड़ों की बात करें तो विदेशी निवेशकों (FIIs) की बिकवाली अभी थमी नहीं है, लेकिन घरेलू निवेशकों (DIIs) ने भारी खरीदारी कर बाजार को सहारा दिया है. फिलहाल, कच्चे तेल की कीमतें $105 प्रति बैरल के आसपास बनी हुई हैं, जिस पर निवेशकों की पैनी नजर है.


