गोड्डा: वर्तमान वित्तीय वर्ष के आखिरी दिन गोड्डा में आयोजित दो दिवसीय चतुर्थ गणतंत्र राजकीय मेला समारोह की टाइमिंग को लेकर जिले मे खूब चर्चा है. वही बीजेपी ने इसे करोड़ों की लूट के माध्यम का आरोप लगाया है. दरअसल, गोड्डा में 26 जनवरी को लगने वाला गणतंत्र मेला को चार साल पहले राजकीय मेला घोषित किया गया है. यह गोड्डा के लोगों की पुरानी मांग थी.
इस मौके पर पर्यटन विभाग द्वारा बड़ा संस्कृतिक कार्यक्रम पिछले कुछ सालों से आयोजित हो रहा है जिसमें बॉलीवुड के कलाकार समेत राज्य एवं देश के अन्य हिस्सों से कलाकार द्वारा अपनी प्रस्तुति दी जाती है.
चुनाव की वजह से टालना पड़ा था कार्यक्रम
इस बार भी ये कार्यक्रम पूर्व निर्धारित था लेकिन नगर निकाय चुनाव की घोषणा के बाद आचार संहिता लागू हो गई और फिर एक दम अंतिम समय में सारे कार्यक्रम रोक दिए गए. लेकिन चुनाव के बाद 29 और 30 मार्च को ये कार्यक्रम दोबारा रखा गया तो सवाल उठने लगे कि गणतंत्र मेला का कार्यक्रम मार्च के आखिर में क्यों? कहीं इसके पीछे मार्च लूट जैसी मंशा तो नहीं.
कार्यक्रम के आयोजन का क्या मतलब?
कुछ ऐसा ही आरोप बीजेपी प्रदेश प्रवक्ता एवं पूर्व विधायक अमित मंडल ने कहा कि जिले में किसानों कि ओलावृष्टि से बड़ा नुकसान हुआ है और भी हजार समस्या है लोग रोजगार के लिए भटक रहे हैं, ऐसे में इतना लेट मार्च के आखिर में कार्यक्रम का क्या मतलब है? इसके साथ इस पूरे कार्यक्रम में मीडिया कि उपेक्षा कई सवाल खड़े करता है.
वहीं बीजेपी जिला इकाई ने अपना विरोध दर्ज कराते हुए कि करोड़ से ज्यादा की लूट की ये व्यवस्था है और मीडिया को इससे दूर इसीलिए रखा गया है, जिससे मामले को छुपाया जा सके.
पर्यटन मंत्रालय द्वारा आयोजित होता है कार्यक्रम
गौरतलब है कि गोड्डा जिला पत्रकारों में कार्यक्रम में उपेक्षा पर अपना विरोध दर्ज कराते हुए खुद को दूर रखा और सूचना और जनसम्पर्क ग्रुप से बड़ी संख्या में लोग बाहर हो गए. ज्ञात रहे कि ये आयोजन पर्यटन मंत्रालय द्वारा आयोजित किया गया है, इसमें खर्च की राशि और कार्यक्रम में कलाकार के सामान्य स्तर पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं. इससे पहले कार्यक्रम का उद्घाटन ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पाण्डेय सिंह द्वारा किया गया था. इस दौरान मौके पर उपायुक्र अंजली यादव भी मौजूद रही.


