रागी जावा और रागी अम्बाली, दोनों ही दक्षिण भारत के पारंपरिक पेय हैं जो ‘फिंगर मिलेट’ (रागी) से बनाए जाते हैं. ये खास तौर पर इसलिए लोकप्रिय हैं क्योंकि ये गर्मियों के महीनों में शरीर को ठंडा रखने में मदद करते हैं. इन्हें बहुत पौष्टिक माना जाता है और ये पाचन तंत्र के स्वास्थ्य के लिए भी बहुत फायदेमंद होते हैं. उत्तर भारत में, रागी को ‘नाचनी’ के नाम से भी जाना जाता है. यह सभी उम्र के लोगों के लिए सही है.
रागी में फाइबर और कैल्शियम भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं, जो हड्डियों के स्वास्थ्य और पाचन के लिए बेहद लाभकारी होते हैं. इसके अलावा, यह बच्चों और डायबिटीज से पीड़ित लोगों के लिए भी एक बेहतरीन और हेल्दी ऑप्शन है. स्वास्थ्य विशेषज्ञ गर्मियों के मौसम में इसका नियमित सेवन करने की सलाह देते हैं. इसी बात को ध्यान में रखते हुए, आइए आगे पढ़ें और जानें कि इस पेय को कैसे तैयार किया जाता है…
गर्मी के मौसम के लिए रागी जावा बनाने की विधि विस्तार से जानें…

रागी जावा बनाने के लिए जरूरी सामग्री
- पानी
- रागी का आटा
- छाछ
- नमक (स्वादानुसार)
- गुड़ या चीनी
रागी जावा बनाने की विधि
- एक छोटे कटोरे में, 2 बड़े चम्मच रागी का आटा और आधा कप पानी मिलाएं. इसे चम्मच से अच्छी तरह फेंटें या चलाएं ताकि इसमें कोई गुठली न रह जाए.
- बाकी बचे पानी (1 से 1.5 कप) को एक गहरे पैन में उबाल लें. रागी के मिश्रण को धीरे-धीरे उबलते पानी में डालें और लगातार चलाते रहें ताकि यह पैन के तले में चिपके नहीं.
- आंच धीमी कर दें और मिश्रण को 5–7 मिनट तक पकाएं, जब तक कि यह गाढ़ा और चमकदार न हो जाए.
- आंच बंद कर दें और मिश्रण को पूरी तरह से ठंडा होने दें.
नमकीन रागी जावा के लिए: पके हुए रागी के मिश्रण में, फेंटा हुआ दही, बारीक कटा हुआ प्याज (वैकल्पिक), ताजा हरा धनिया, एक चुटकी भुना हुआ जीरा पाउडर और नमक मिलाएं
मीठे रागी जावा के लिए: पके हुए रागी के मिश्रण में, गुड़ (या चीनी) और इलायची पाउडर मिलाएं. अगर चाहें तो आप थोड़ा दूध भी मिला सकते हैं.
जरूरी बातें
- रागी जावा को सादा भी खाया जा सकता है
- रागी के आटे को उबलते पानी में डालने से पहले हमेशा ठंडे पानी में घोल लें, इससे यह सुनिश्चित होता है कि इसमें कोई गुठली न बने.
- इसे और भी अधिक पौष्टिक बनाने के लिए आप दूध का इस्तेमाल कर सकते हैं.
- यह नाश्ते के लिए एक बेहतरीन विकल्प है और वजन घटाने में भी मदद करता है.
- रागी की तासीर गर्म होती है, इसलिए, गर्मियों के महीनों में इसे दही के साथ (नमकीन रूप में) खाना सबसे अच्छा रहता है.
रागी जावा के स्वास्थ्य लाभ
रागी में मौजूद फाइबर पाचन को बेहतर बनाता है. यह वजन घटाने में भी मदद करता है. इसमें कैल्शियम की मात्रा अधिक होने के कारण यह हड्डियों को मजबूत बनाता है. यह बुढ़ापे में होने वाली हड्डियों की कमजोरी को रोकने में सहायक है. डायबिटीज के मरीजों के लिए यह एक सुरक्षित आहार विकल्प है, क्योंकि यह ब्लड शुगर के लेवल को स्थिर बनाए रखने में मदद करता है. गर्मियों के मौसम में, रोज़ाना एक गिलास रागी का काढ़ा पीने से शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) नहीं होती और शरीर को ठंडक मिलती है. यह पारंपरिक पेय सभी उम्र के लोगों के लिए बहुत अधिक लाभकारी है.


