आज 27 मार्च, 2026 शुक्रवार, के दिन चैत्र महीने की शुक्ल नवमी तिथि है. माता सरस्वती इस तिथि की शासक हैं. दुश्मनों और प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ योजना बनाने के लिए ये एक अच्छा दिन है, लेकिन किसी भी शुभ समारोह और यात्राओं के लिए ये तिथि अशुभ मानी जाती है. आज स्वामीनारायण जयंती है और सर्वार्थ सिद्धि योग भी बन रहा है.
27 मार्च का पंचांग
- विक्रम संवत : 2082
- मास : चैत्र
- पक्ष : शुक्ल नवमी
- दिन : शुक्रवार
- तिथि : शुक्ल नवमी
- योग : अतिगंड
- नक्षत्र : पुनर्वसु
- करण : कौलव
- चंद्र राशि : मिथुन
- सूर्य राशि : मीन
- सूर्योदय : सुबह 06:17 बजे
- सूर्यास्त : शाम 06:36 बजे
- चंद्रोदय : दोपहर 01.01 बजे
- चंद्रास्त : देर रात 03.21 बजे (28 मार्च)
- राहुकाल : 10:54 से 12:27
- यमगंड : 15:31 से 17:04
यात्रा और पूजा के लिए शुभ है नक्षत्र
आज के दिन चंद्रमा मिथुन राशि और पुनर्वसु नक्षत्र में रहेंगे. यह नक्षत्र मिथुन राशि में 20:00 से लेकर कर्क राशि के 3:20 तक फैला हुआ है. इसकी अधिष्ठात्री देवी अदिति और इस नक्षत्र के स्वामी ग्रह बृहस्पति हैं. नया वाहन खरीदने या सर्विसिंग कराने के अलावा यात्रा और पूजा के लिए यह नक्षत्र अच्छा है. यह एक अस्थायी, तेज और गतिशील प्रकृति का तारा है. इस नक्षत्र में बागवानी करने, जुलूस में जाने, मित्रों से मिलने का कार्य भी किया जा सकता है.
आज के दिन का वर्जित समय
आज के दिन 10:54 से 12:27 बजे तक राहुकाल रहेगा. ऐसे में कोई शुभ कार्य करना हो, तो इस अवधि से परहेज करना ही अच्छा रहेगा. इसी तरह यमगंड, गुलिक, दुमुहूर्त और वर्ज्यम् से भी परहेज करना चाहिए.


