हजारीबाग: विश्व प्रसिद्ध रामनवमी का अद्भुत स्वरूप इन दिनों हजारीबाग में देखने को मिल रहा है. जिले के कटकमसांडी प्रखंड के खुटरा गांव में मोहम्मद सुलेमान ने बड़े ही परिश्रम के साथ 400 मीटर कपड़े का झंडा तैयार किया है. जिसे बनाने में 1 साल का समय लगा है. इस महावीर ध्वज को बनाने में 2 लाख रुपये की लागत आयी है. पूरे हजारीबाग में इन दिनों यह चर्चा का विषय बना हुआ है.
हजारीबाग की रामनवमी बेहद खास है. यहां हर वर्ष कुछ ना कुछ ऐसा नजारा सामने आता है, जो काफी चर्चा कभी में रहता है. इस बार 400 मीटर कपड़े का बना 100 फीट का ध्वज आकर्षण का केंद्र है.
ध्वज बनाने वाले सुलेमान ने कहा कि अपने जीवन में पहली बार उन्होंने इतना विशाल झंडा बनाया है. वे भी चाहते थे कि रामनवमी के मौके पर क्षेत्र में कुछ अलग और ऐतिहासिक किया जाए. उनके इस योगदान के लिए उन्हें अखाड़ा समिति द्वारा सम्मानित भी किया गया.

खुटरा गांव में राम नवमी के मौके पर भगवान हनुमान का करीब 100 फुट लंबा झंडा लगाया गया है. इस भव्य झंडे को देखने के लिए दूर-दूर से लोगों की भीड़ उमड़ रही है. खास बात यह है कि हजारीबाग के सदर विधायक प्रदीप प्रसाद खुद इस ऐतिहासिक पहल की सराहना करने पहुंचे और गांववालों के इस प्रयास की प्रशंसा की.

गांव के बजरंग समिति के अध्यक्ष अजय कुमार साव बताते हैं कि खुटरा गांव में झंडा स्थापित करने की परंपरा सदियों से चली आ रही है. यह गांव कौमी एकता की भी मिसाल पेश करता है, क्योंकि यहां मुहर्रम के जुलूस में भी सबसे ऊंचा झंडा देखने को मिलता है. गांववालों की लंबे समय से इच्छा थी कि राम नवमी पर सबसे ऊंचा और सबसे लंबा झंडा स्थापित की जाए, जिसे इस साल साकार कर दिखाया गया है.

हजारीबाग में रामनवमी के दौरान झंडा स्थापित करने और शोभायात्रा में उसे लेकर नगर भ्रमण करने की परंपरा सदियों पुरानी है. लेकिन खुटरा गांव के ग्रामीणों ने इस बार सबसे लंबा और भव्य झंडा स्थापित कर एक नई मिसाल कायम की है. यही विशेषता हजारीबाग की रामनवमी को पूरे देशभर में अलग पहचान दिलाती है.


