नई दिल्ली: पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया और विभिन्न प्लेटफार्मों पर पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस (LPG) की कमी को लेकर चल रही खबरों को केंद्र सरकार ने पूरी तरह से खारिज कर दिया है. पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने गुरुवार को एक आधिकारिक बयान जारी कर स्पष्ट किया कि देश की ऊर्जा आपूर्ति पूरी तरह सुरक्षित है और ईंधन की कमी की खबरें एक “सुनियोजित गलत सूचना अभियान” का हिस्सा हैं.
पर्याप्त स्टॉक और सुरक्षित आपूर्ति
सरकार ने डेटा साझा करते हुए बताया कि भारत के पास वर्तमान में लगभग 60 दिनों का ईंधन स्टॉक कवर उपलब्ध है. इसमें कच्चा तेल (Crude Oil), रिफाइंड उत्पाद और रणनीतिक भूमिगत भंडारों में जमा तेल शामिल है. मंत्रालय के अनुसार, तेल कंपनियों ने अगले दो महीनों के लिए कच्चे तेल की आपूर्ति पहले ही सुनिश्चित कर ली है और भारत वर्तमान में दुनिया भर के 41 से अधिक देशों से तेल प्राप्त कर रहा है.
रिफाइनरियां और वितरण नेटवर्क पूरी क्षमता पर
ईंधन की मांग को पूरा करने के लिए देश की सभी रिफाइनरियां 100% से अधिक क्षमता पर काम कर रही हैं. सरकार ने यह भी आश्वासन दिया है कि देश भर के 1 लाख से अधिक रिटेल आउटलेट (पेट्रोल पंप) सामान्य रूप से काम कर रहे हैं और वहां किसी भी प्रकार की राशनिंग (ईंधन देने की सीमा) लागू नहीं की गई है. तेल डिपो रात भर काम कर रहे हैं ताकि पंपों तक निरंतर आपूर्ति बनी रहे.
LPG संकट की खबरों का खंडन
रसोई गैस के संबंध में सरकार ने कहा कि घरेलू LPG उत्पादन में 28% की वृद्धि की गई है. हालांकि पश्चिमी एशिया में तनाव के कारण कुछ व्यवधान की खबरें थीं, लेकिन इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन जैसी कंपनियों ने वैकल्पिक स्रोतों से आपूर्ति सुनिश्चित की है. अधिकारियों ने बताया कि LPG सिलेंडर की डिलीवरी अपने सामान्य चक्र (लगभग 2.5 दिन) में ही हो रही है.
अफवाह फैलाने वालों को चेतावनी
मंत्रालय ने नागरिकों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर चल रहे भ्रामक वीडियो या संदेशों के कारण ‘पैनिक बाइंग’ न करें. सरकार ने चेतावनी दी है कि आवश्यक वस्तुओं की कमी के बारे में गलत जानकारी फैलाकर जनता में दहशत पैदा करना एक दंडनीय अपराध है और ऐसा करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी.सरकार का कहना है कि भारत आज ऊर्जा सुरक्षा के मामले में एक मजबूत स्थिति में है और वैश्विक उथल-पुथल के बावजूद घरेलू आपूर्ति बाधित नहीं होने दी जाएगी.


