Tuesday, March 24, 2026

पटना में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के पूर्वी अनुसंधान परिसर में चार दिवसीय समेकित मत्स्य पालन प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न हुआ।

Share

पटना में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के पूर्वी अनुसंधान परिसर में चार दिवसीय समेकित मत्स्य पालन प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न हुआ। मत्स्य विभाग द्वारा प्रायोजित इस कार्यक्रम में 31 किसानों को उन्नत मत्स्य पालन तकनीकों का सैद्धांतिक और व्यावहारिक ज्ञान दिया गया।

पटना। पटना स्थित भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के पूर्वी अनुसंधान परिसर में आयोजित चार दिवसीय समेकित मत्स्य पालन प्रशिक्षण कार्यक्रम का सोमवार को सफलतापूर्वक समापन हो गया। मत्स्य विभाग द्वारा प्रायोजित इस प्रशिक्षण में 31 किसानों ने भाग लिया, जिन्हें उन्नत मत्स्य पालन तकनीकों का सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।

तीन दिनों तक चले इस कार्यक्रम के समापन के मौके पर संस्थान के निदेशक डॉ. अनुप दास ने किसानों को समेकित कृषि प्रणाली अपनाने की सलाह दी।

उन्होंने कहा कि मत्स्य पालन के साथ बत्तख पालन को जोड़कर उत्पादन और आय में वृद्धि की जा सकती है। इसके साथ ही तालाब के किनारे फलदार वृक्ष जैसे आम, अमरूद, नींबू तथा सब्जियों की खेती करने पर भी जोर दिया।

प्रभागाध्यक्ष डॉ. कमल शर्मा ने कहा कि समेकित मत्स्य पालन प्रणाली संसाधनों के बेहतर उपयोग पर आधारित एक टिकाऊ मॉडल है, जिससे किसानों को बहुआयामी आय के अवसर मिलते हैं।

वहीं भूमि एवं जल प्रबंधन प्रभाग के डॉ. आशुतोष उपाध्याय ने तालाब प्रबंधन, वर्षा जल संचयन और जलवायु अनुकूल तकनीकों को अपनाने की आवश्यकता बताई।

प्रशिक्षण के दौरान किसानों को आधुनिक मत्स्य पालन तकनीक, गुणवत्तापूर्ण बीज उत्पादन, आहार प्रबंधन एवं समेकित कृषि प्रणाली की विस्तृत जानकारी दी गई।

कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। कार्यक्रम में पाठ्यक्रम निदेशक डॉ. सुरेन्द्र कुमार अहिरवाल, सह-निदेशक डॉ. बिश्वजीत देबनाथ सहित अन्य विशेषज्ञों की अहम भूमिका रही।

Read more

Local News