नई दिल्ली: देश के करोड़ों अन्नदाताओं के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है. केंद्र सरकार की सबसे महत्वाकांक्षी योजना, ‘प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि’ (PM-KISAN) के तहत अब तक कुल ₹4.27 लाख करोड़ की विशाल राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में हस्तांतरित की जा चुकी है. 13 मार्च 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने असम के गुवाहाटी से योजना की 22वीं किस्त जारी की, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था में नई जान आ गई है.
किसे कितनी मिली रकम?
ताजा आंकड़ों के अनुसार, इस किस्त के माध्यम से देश भर के लगभग 9.32 करोड़ पात्र किसान परिवारों को सीधे लाभ पहुँचा है. प्रत्येक किसान के खाते में ₹2,000 की राशि ‘डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर’ (DBT) के जरिए भेजी गई है. उल्लेखनीय है कि इस योजना के तहत सरकार प्रतिवर्ष किसानों को ₹6,000 की आर्थिक सहायता प्रदान करती है, जो ₹2,000-₹2,000 की तीन समान किस्तों में दी जाती है.
महिला सशक्तिकरण पर विशेष जोर
इस बार के वितरण की सबसे बड़ी विशेषता महिला किसानों की बढ़ती भागीदारी रही है. आंकड़ों के मुताबिक, 2.15 करोड़ से अधिक महिला किसानों के खातों में भी सम्मान निधि की राशि सफलतापूर्वक जमा की गई है. यह कदम न केवल खेती में महिलाओं के योगदान को मान्यता देता है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में उन्हें वित्तीय रूप से स्वतंत्र भी बना रहा है. सरकार का लक्ष्य ‘लखपति दीदी’ जैसी योजनाओं के साथ मिलकर महिला किसानों की आय को दोगुना करना है.
योजना का अब तक का सफर
फरवरी 2019 में शुरू हुई इस योजना ने सात सालों का सफल सफर तय कर लिया है. शुरुआत से लेकर अब तक बांटी गई कुल ₹4.27 लाख करोड़ की राशि दुनिया के सबसे बड़े डीबीटी कार्यक्रमों में से एक है. विशेषज्ञों का मानना है कि यह राशि बीज, उर्वरक और खेती के अन्य छोटे-मोटे खर्चों को पूरा करने में छोटे और सीमांत किसानों के लिए ‘संजीवनी’ का काम कर रही है.
अगर पैसा नहीं आया तो क्या करें?
सरकार ने स्पष्ट किया है कि जिन किसानों ने अभी तक अपनी e-KYC प्रक्रिया पूरी नहीं की है या जिनका बैंक खाता आधार से लिंक नहीं है, उन्हें भुगतान में देरी हो सकती है. किसान भाई-बहन PM-Kisan की आधिकारिक वेबसाइट (pmkisan.gov.in) पर जाकर ‘Know Your Status’ विकल्प के जरिए अपनी किस्त का स्टेटस चेक कर सकते हैं. इसके अलावा, किसी भी समस्या के समाधान के लिए सरकार ने हेल्पलाइन नंबर 155261 भी जारी किया है.
बजट 2026 में कृषि क्षेत्र के लिए किए गए आवंटन और इस भारी-भरकम राशि के हस्तांतरण ने स्पष्ट कर दिया है कि सरकार का प्राथमिक एजेंडा किसानों की समृद्धि और ग्रामीण विकास ही है.


