पटना में महिला एवं बाल विकास निगम द्वारा आयोजित दो दिवसीय ‘महिला मेगा जॉब फेयर’ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इसमें 11,500 से अधिक महिलाओं ने भाग लिया, जिनमें से 6,135 को स्वास्थ्य, वस्त्र और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे विभिन्न क्षेत्रों में नौकरी मिली।
पटना। महिलाएं बड़ी संख्या में यहां पहुंचीं, उन्हें नौकरी मिली है। अब समय है उड़ान भरने का। सरकार की ओर से हर स्तर पर समर्थन दिया जाएगा। कहां जाना है, क्या करना है, यहां तक कि रहने की व्यवस्था का भी ध्यान रखा जाएगा। महिलाओं ने ऑटोमोबाइल जैसे पुरुष-प्रधान क्षेत्रों में भी नौकरी हासिल कर नई मिसाल पेश की है। ये बातें समाज कल्याण विभाग की सचिव बंदना प्रेयषी ने कहीं।
ज्ञान भवन में समाज कल्याण विभाग के अंतर्गत महिला एवं बाल विकास निगम द्वारा आयोजित दो दिवसीय ‘महिला मेगा जॉब फेयर- का मंगलवार को समापन हुआ। समारोह के मुख्य अतिथि सामाज कल्याण विभाग मंत्री मदन सहनी ने कहा, नीतीश कुमार के दूरदर्शी नेतृत्व में राज्य में समावेशी विकास को नई गति मिल रही है
क्षेत्रवार नियुक्तियों में हेल्थकेयर सेक्टर में लगभग 1,250, टेक्सटाइल सेक्टर में 1,114 और इलेक्ट्रानिक्स सेक्टर में करीब 800 युवतियों को नौकरी मिली। दूर-दराज से आने वाली प्रतिभागियों के लिए विशेष बसों की व्यवस्था की गई थी। वेतनमान भी इस मेले का प्रमुख आकर्षण रहा।
कितने का मिला पैकेज?
चयनित युवतियों को औसतन 2.40 लाख रुपये वार्षिक पैकेज का ऑफर मिला, जबकि अधिकतम पैकेज 5.4 लाख रुपये प्रति वर्ष तक गया। कार्यक्रम में लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया।
समारोह के दौरान मंच से 15 चयनित महिला अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए गए। विभिन्न क्षेत्रों में योगदान देने वाले नियोक्ता संस्थानों को सम्मानित किया गया।
सचिव कौशल किशोर ने इसे बाधाओं को तोड़ने वाला मील का पत्थर बताया। विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह ने कहा कि राज्य में श्रम बल भागीदारी दर को बढ़ाने के लिए महिलाओं की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है और ऐसे रोजगार मेलों का नियमित आयोजन किया जाना चाहिए।


