Monday, March 16, 2026

सोमवार को बैंकिंग और ऑटो शेयरों में जोरदार खरीदारी से सेंसेक्स 939 अंक उछला. निफ्टी भी 1.11% बढ़कर 23,408 के स्तर पर बंद हुआ.

Share

मुंबई: भारतीय शेयर बाजार के लिए सोमवार का दिन राहत भरा रहा. पिछले तीन कारोबारी सत्रों से जारी गिरावट का सिलसिला आखिरकार थम गया. ऑटो और बैंकिंग शेयरों में आखिरी घंटों में हुई जोरदार खरीदारी के दम पर बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी 1 प्रतिशत से अधिक की बढ़त के साथ बंद हुए.

सोमवार को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का 30 शेयरों वाला सूचकांक सेंसेक्स 939 अंक (1.26%) की छलांग लगाकर 75,502.85 के स्तर पर बंद हुआ. वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 50 भी 257.70 अंक (1.11%) की बढ़त के साथ 23,408.80 पर टिका. कारोबार के दौरान एक समय निफ्टी ने 23,500 के स्तर को भी छुआ, जो निवेशकों के बढ़ते भरोसे को दर्शाता है.

सेक्टोरल प्रदर्शन: बैंकिंग और ऑटो चमके
बाजार की इस रिकवरी में सबसे बड़ी भूमिका बैंकिंग और ऑटोमोबाइल सेक्टर ने निभाई. दिग्गज शेयरों में HDFC बैंक, महिंद्रा एंड महिंद्रा (M&M) और टाटा स्टील टॉप गेनर्स की सूची में शामिल रहे. निफ्टी ऑटो इंडेक्स आज का सबसे शानदार प्रदर्शन करने वाला सेक्टर रहा.

दूसरी ओर, आईटी और फार्मा शेयरों में कमजोरी देखी गई. सन फार्मा, भारती एयरटेल, एचसीएल टेक और टीसीएस जैसे बड़े नाम आज गिरावट के साथ बंद हुए. रियल एस्टेट सेक्टर (निफ्टी रियल्टी) भी आज के कारोबार में पिछड़ता नजर आया और सबसे कमजोर प्रदर्शन करने वाला इंडेक्स रहा

मिडकैप और स्मॉलकैप में सुस्ती
हैरानी की बात यह रही कि मुख्य सूचकांकों में आई इस तेजी का असर व्यापक बाजार पर कम दिखा. निफ्टी मिडकैप 100 में 0.43% और स्मॉलकैप 100 में 0.65% की गिरावट दर्ज की गई. इसका मतलब है कि निवेशकों ने आज सुरक्षित माने जाने वाले लार्ज-कैप शेयरों में खरीदारी को प्राथमिकता दी.

एक्सपर्ट्स की राय और टेक्निकल आउटलुक
बाजार विश्लेषकों का मानना है कि पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के कारण निवेशक अभी भी सतर्क हैं. तकनीकी मोर्चे पर, निफ्टी के लिए 23,200–23,100 का स्तर एक मजबूत सपोर्ट (सहारा) के रूप में काम कर रहा है

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, ऊपरी स्तर पर 23,500 एक महत्वपूर्ण रेजिस्टेंस लेवल है. अगर निफ्टी इस स्तर के ऊपर टिकने में कामयाब रहता है, तो आने वाले दिनों में यह 23,800 की ओर बढ़ सकता है. हालांकि, अगर बाजार 23,400 के ऊपर नहीं टिक पाता, तो फिर से 23,000–23,500 के दायरे में कंसोलिडेशन देखा जा सकता है.

Read more

Local News