मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज अपनी दिग्गज कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स का मेगा IPO लाने की तैयारी में है. बैंकर्स की नियुक्ति के साथ प्रक्रिया तेज हो गई है. लगभग 170 अरब डॉलर के संभावित वैल्यूएशन वाला यह आईपीओ भारत के इतिहास की सबसे बड़ी लिस्टिंग साबित हो सकती है.
रिलायंस इंडस्ट्रीज अब अपनी टेलीकॉम और डिजिटल शाखा जियो प्लेटफॉर्म्स को शेयर बाजार में उतारने के लिए कमर कस चुकी है. रिपोर्ट्स के अनुसार, इस महा-आईपीओ (IPO) की रूपरेखा तैयार करने के लिए कंपनी ने छह बड़े निवेश बैंकों के साथ बातचीत शुरू कर दी है. इनमें गोल्डमैन सैक्स, मॉर्गन स्टैनली और कोटक महिंद्रा कैपिटल जैसे नाम शामिल हैं. आने वाले समय में कुछ और सलाहकारों को भी इस टीम का हिस्सा बनाया जा सकता है.
देश का सबसे बड़ा IPO बनने की उम्मीद
माना जा रहा है कि जियो प्लेटफॉर्म्स का यह ऑफर भारतीय शेयर बाजार के इतिहास के पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ सकता है. लगभग 20 सालों के लंबे अंतराल के बाद मुकेश अंबानी अपनी किसी बड़ी सहायक कंपनी को लिस्ट कराने जा रहे हैं. सरकार द्वारा लिस्टिंग नियमों में दी गई ढील ने भी इस प्रक्रिया को रफ्तार दी है. नए नियमों के मुताबिक, अब बड़ी कंपनियां अपनी सिर्फ 2.5% हिस्सेदारी बाजार में बेचकर भी लिस्ट हो सकती हैं, जिससे जियो जैसी विशाल कंपनी के लिए रास्ता आसान हो गया है.
कितनी हो सकती है जियो की कीमत?
बाजार विशेषज्ञों और बैंकर्स का अनुमान है कि जियो प्लेटफॉर्म्स की कुल वैल्यू लगभग 170 अरब डॉलर के आसपास हो सकती है. अगर कंपनी नियमों के तहत अपनी न्यूनतम 2.5% हिस्सेदारी भी बेचती है, तो वह मार्केट से लगभग 4.3 अरब डॉलर (करीब 36,000 करोड़ रुपये से ज्यादा) जुटा सकती है. हालांकि, IPO की सही तारीख और शर्तें क्या होंगी, इस पर रिलायंस ने अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है.
IPO बाजार की वर्तमान स्थिति
साल 2026 की शुरुआत में भारतीय IPO बाजार की रफ्तार पिछले साल के मुकाबले थोड़ी धीमी रही है. इस साल की पहली तिमाही में अब तक कंपनियों ने करीब 1.7 अरब डॉलर जुटाए हैं, जो पिछले साल इसी दौरान जुटाए गए 2.3 अरब डॉलर से कम है. ऐसे में अगर जियो का आईपीओ बाजार में आता है, तो यह शेयर बाजार में नई जान फूंक सकता है. सेबी (SEBI) के पास ड्राफ्ट जमा होने के बाद ही इसकी अंतिम समयसीमा साफ हो पाएगी.


