रांची: झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के 15वें दिन प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस विधायक दल के नेता ने DMFT फंड के उपयोग से जुड़ा उठाया. वहीं बीजेपी विधायक अमित कुमार यादव यह जानना चाह रहे थे कि जे-टेट की परीक्षा में कला संकाय से गणित विषय में स्नातक और बी-एड छात्रों को शामिल क्यों नहीं किया जा रहा है. वहीं जदयू विधायक सरयू राय ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की उपयोगिता को लेकर सवाल पूछे.
DMFT फंड पर सरकार का रूख
कांग्रेस विधायक प्रदीप यादव ने कहा कि DMFT फंड जिले के कुछ भागों में ही सिमट कर रह जाता है. लिहाजा, समावेशी और संतुलित विकास के लिए सरकार को कोई दूसरी योजना शुरू करनी चाहिए. जवाब में मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने झारखंड डिस्ट्रिक्ट मिनरल फाउंडेशन रुल्स, 2024 के प्रावधानों का हवाला दिया.
उन्होंने कहा कि खनन पट्टा क्षेत्र से प्रत्यक्ष रुप से प्रभावित 15 किमी और अप्रत्यक्ष रुप से प्रभावित 25 किमी में डीएमएफटी फंड का इस्तेमाल किया जाना है. क्योंकि खनन से संबंधित क्षेत्र के लोग ज्यादा प्रभावित होते हैं.
वहीं नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने आरोप लगाया कि डीएमएफटी फंड का सही इस्तेमाल नहीं हो रहा है. इस फंड से बंगला और जिम जैसे निर्माण कराए जा रहे हैं. यही वजह है कि खनन क्षेत्रों में सड़क, पानी और प्रदूषण से जुड़ी समस्याएं बनी हुई हैं. मंत्री ने कहा कि डीएमएफटी फंड के गलत इस्तेमाल की जांच चल रही है और दोषियों पर कार्रवाई होगी.
जे-टेट की परीक्षा में अवसर पर सरकार का जवाब
वहीं कला संकाय में गणित विषय से स्नातक और बी-एड के विद्यार्थियों को जे-टेट की परीक्षा में अवसर नहीं देने के सवाल पर मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने कहा कि इसका पालन नियमावली के आधार पर होता है. बीए-मैथ की डिग्री को साइंस की डिग्री नहीं माना जाता है. विज्ञान और गणित के लिए बीएससी होना जरुरी है. उन्होंने स्पष्ट किया कि नियमावली को काफी सोच समझकर तैयार किया गया है. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि विधायक अमित कुमार यादव के सुझाव पर पुनर्विचार किया जाएगा.
AI को लेकर सरकार का रुख
विधायक सरयू राय के सवाल पर मंत्री दीपक बिरुआ ने कहा कि AI को बढ़ावा देने के लिए पहल की जा रही है. स्टार्टअप को प्रोत्साहित करने के लिए 101 आइडिया की स्क्रीनिंग होगी. मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की बैठक होनी है. सरयू राय ने कहा कि इस जवाब से साफ हो गया कि एआई के उपयोग को लेकर सरकार के पास फिलहाल कोई प्लान नहीं है. साथ ही उन्होंने इस बात पर आश्चर्य जताया कि ABVIL अटल बिहाली वाजपेयी एंक्यूबेशन लैब ने स्टार्ट अप पॉलिसी 2016 के तहत 107 स्टार्टअप में से 22 स्टार्टअप को प्रोटोटाइप फंड दिया था. लेकिन प्रगति शून्य रही.
यहां तक कि ABVIL का कार्यालय अब तक नहीं खुला है. लेकिन स्टार्टअप पॉलिसी 2023 में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का कोई जिक्र ही नहीं है. साथ ही स्टार्ट अप के आइडिया को लेकर किसी तरह की गंभीरता नहीं दिख रही है. जवाब में मंत्री ने कहा कि उनकी सरकार पंचायतों को डिजिटलाइज करने की कोशिश कर रही है.


