ईरान से अमेरिका और इजराइल की जंग के कारण भारत में लोग गैस सिलेंडर की कमी को लेकर घबरा गए हैं. हालांकि, सरकार का कहना है कि, देश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कोई कमी नहीं है.
इस अफरा-तफरी में, पंजाब के बरनाला के एक निवासी की जान भी चली गई. दरअसल, शेहना कस्बे में घरेलू गैस सिलेंडर भरवाने के लिए लाइन में खड़े एक बुजुर्ग व्यक्ति की दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई.

जानकारी के अनुसार, शेहना गांव के निवासी देवराज मित्तल के 66 वर्षीय बेटे भूषण कुमार मित्तल सुबह 5 बजे से ही गैस सिलेंडर लेने के लिए लाइन में लगे हुए थे. सिलेंडर लेने वालों में उनका नंबर 25वां था. अपनी बारी का इंतजार कर रहे भूषण कुमार मित्तल को अचानक दिल का दौरा पड़ा और मौके पर ही उनकी मौत हो गई.
लंबे समय तक लाइन में खड़े रहने से हुई मौत
मृतक के भतीजे रॉबिन मित्तल ने बताया कि, उनके चाचा भूषण कुमार सिलेंडर भरवाने के लिए सुबह 5 बजे से ही गैस एजेंसी के सामने लाइन में खड़े थे. लंबे समय तक लाइन में खड़े रहने के कारण उन्हें दिल का दौरा पड़ा और मौके पर ही उनकी मौत हो गई. उन्होंने कहा कि, प्रशासन की ओर से कोई भी अधिकारी या सरकारी प्रतिनिधि उनकी सुध लेने नहीं आया है.
रॉबिन ने कहा कि, उनके चाचा का परिवार बहुत गरीब है. वे कड़ी मेहनत करके अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहे थे. चाचा की मौत के बाद, घर में अब सिर्फ उनके ताऊजी ही बचे हैं और वे भी बीमार हैं.
प्रशासन से नाराज परिवार
जैसे ही यह घटना सामने आई कि ,एक बुजुर्ग की मौत एलपीजी सिलेंडर के लिए लाइन में लगने के दौरान मौत हो गई, पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई. मृतक के परिवार ने बिना पोस्टमार्टम करवाए ही उनके शव का अंतिम संस्कार कर दिया. साथ ही, मृतक के परिवार ने सरकार और प्रशासन पर आरोप लगाया है कि किसी ने भी हमारी कोई सुध नहीं ली.
इस मौके पर शेहना गांव के निवासी प्रमोद सिंगला ने कहा, “मृतक व्यक्ति सुबह 5 बजे से ही गैस सिलेंडर लेने के लिए लाइन में खड़ा था. सिलेंडर लेने वालों की लंबी लाइन देखकर वह घबरा गया और दिल का दौरा पड़ने से उसकी मौत हो गई.” वहीं, गैस एजेंसी के सामने लाइन में खड़े लोगों ने भी सरकार के प्रति अपना गुस्सा जाहिर किया.


