नवादा: भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार विकेटकीपर-बल्लेबाज गुरुवार रात बिहार के नवादा पहुंचे. टी20 विश्व कप में भारत की जीत के बाद यह उनकी पहली यात्रा थी, जहां वे अपनी पूर्व सिविल सर्जन दादी डॉ. सावित्री शर्मा से मिलने आए. इस मुलाकात ने परिवार में खुशी का माहौल बनाया और पूरे नवादा में क्रिकेट प्रेमियों के बीच जबरदस्त उत्साह फैल गया. ईशान के आगमन की खबर फैलते ही प्रशंसक बड़ी संख्या में जुट गए.
ईशान किशन ने की दादी से मुलाकात: ईशान किशन ने सड़क से रास्ते करीब 120 किलोमीटर का सफर तय किया और सीधे पुरानी जेल रोड स्थित अपनी दादी डॉ. सावित्री शर्मा के आवास पर पहुंचे. डॉ. शर्मा नवादा की प्रतिष्ठित पूर्व सिविल सर्जन रही हैं और ईशान के करियर की सबसे बड़ी समर्थक मानी जाती हैं. मुलाकात के दौरान ईशान ने दादी से आशीर्वाद लिया और विश्व कप जीत की खुशी साझा की.
ईशान से मिलने के लिए लगी प्रशंसकों की भीड़: जैसे ही ईशान के पहुंचने की सूचना मिली, उनकी दादी के घर के बाहर सैकड़ों प्रशंसक इकट्ठा हो गए. लोग उनकी एक झलक पाने, फोटो खिंचवाने और मिलने के लिए घंटों इंतजार करते रहे. प्रशंसकों का यह जोश देखकर इलाके में खुशी का माहौल छा गया. स्थानीय प्रशासन ने पहले से ही सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर रखी थी और पुलिस बल तैनात किया गया था ताकि भीड़ को नियंत्रित रखा जा सके.

टी20 विश्व कप शानदार प्रदर्शन: ईशान किशन हाल ही में अपने आक्रामक बल्लेबाजी और शानदार प्रदर्शन से सुर्खियां बटोर रहे हैं. टी20 विश्व कप में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण रही, जिसने उन्हें युवा क्रिकेटरों का आइकन बना दिया. उनकी हालिया फॉर्म से प्रशंसक बेहद खुश हैं और भारतीय टीम की सराहना कर रहे हैं. नवादा पहुंचकर उन्होंने अपनी जड़ों से जुड़ाव दिखाया.
दादा-दादी को दिया सफलता का श्रेय: डॉ. सावित्री शर्मा ने ईशान के बचपन से लेकर अब तक के क्रिकेट सफर को करीब से देखा है. वे अक्सर उनके प्रदर्शन पर गर्व जताती रही हैं. इस सफर में ईशान ने न केवल परिवार से मुलाकात की, बल्कि दादा-दादी से आशीर्वाद लेकर अपनी सफलता का श्रेय भी उन्हें दिया.

ईशान किशन बिहार के लिए प्रेरणा स्रोत: प्रशंसकों की भीड़ और उनका उत्साह साफ दर्शाता है कि ईशान किशन बिहार के लिए एक बड़ा प्रेरणा स्रोत बन चुके हैं. नवादा के लोग उन्हें अपना लाल मानते हैं और उनकी इस यात्रा ने स्थानीय क्रिकेट प्रेम को और मजबूत किया. लोग भारतीय टीम की विश्व कप जीत पर भी खुशी जाहिर कर रहे थे. ईशान किशन व्यस्त अंतरराष्ट्रीय करियर के बावजूद अपनी जड़ों से जुड़े रहते हैं.


