Thursday, March 12, 2026

राज्यसभा के लिए नामांकन के बाद समृद्धि यात्रा पर निकले बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने पूर्णिया में विकास योजनाओं की समीक्षा की.

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राज्यसभा के लिए नामांकन के बाद समृद्धि यात्रा पर निकले बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने पूर्णिया में विकास योजनाओं की समीक्षा की. उन्होंने सात निश्चय-3 के जरिए नागरिकों का जीवन आसान बनाने और अगले 5 वर्षों में 1 करोड़ युवाओं को नौकरी और रोजगार देने की बात कही.

बिहार सीएम नीतीश कुमार ने समृद्धि यात्रा के दौरान पूर्णिया के इंदिरा गांधी स्टेडियम में जिले से जुड़ी विकास योजनाओं की समीक्षा बैठक की. इस बैठक में उन्होंने अधिकारियों से सभी योजनाओं की प्रगति के बारे में जानकारी ली और काम को तेजी से आगे बढ़ाने का निर्देश दिया.

बैठक में पूर्णिया के डीएम अंशुल कुमार ने प्रगति यात्रा के दौरान की गई घोषणा की मौजूदा स्थिति के बारे में बताया. इसके अलावा जिले में हो रहे दूसरे विकास के कामों की जानकारी भी दी.

क्या बोले सीएम

समीक्षा के दौरान नीतीश कुमार ने अधिकारियों से कहा कि जिन योजनाओं को स्वीकृति मिल चुकी है, उन पर तेजी से काम शुरू किया जाए और उन्हें सही तरीके से जमीन पर उतारा जाए. उन्होंने कहा कि सात निश्चय-2 के तहत चल रही योजनाओं को बेहतर ढंग से लागू किया जाए और सात निश्चय-3 की योजनाओं पर भी तेजी से काम शुरू किया जाए.

सीएम ने कहा कि 20 नवंबर 2025 को नई सरकार बनने के बाद राज्य को देश के सबसे विकसित राज्यों की श्रेणी में लाने के लक्ष्य के साथ सात निश्चय-3 कार्यक्रम लागू किया गया है. इस योजना के तहत सातवां निश्चय सबका सम्मान-जीवन आसान है. इसका मकसद लोगों की रोजमर्रा की परेशानियों को कम करना और उनका जीवन आसान बनाना है.

नीतीश कुमार ने बताया लक्ष्य

नीतीश कुमार ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि राज्य के हर नागरिक को सम्मान मिले और उनकी जिंदगी बेहतर हो. इसके लिए अधिकारियों को पूरी ईमानदारी से योजनाओं को लागू करना होगा. सीएम ने युवाओं के रोजगार को लेकर भी सरकार की प्राथमिकता दोहराई. उन्होंने बताया कि सरकार ने अगले पांच साल में एक करोड़ युवाओं को नौकरी और रोजगार देने का लक्ष्य रखा है. इसके लिए इंडस्ट्रीज को बढ़ावा दिया जा रहा है और बिजनेसमैन को स्पेशल आर्थिक पैकेज भी दिया जा रहा है.

उन्होंने कहा कि राज्य में इंडस्ट्री लगाने के लिए बेहतर माहौल बनाया जा रहा है ताकि ज्यादा से ज्यादा निवेश हो और युवाओं को रोजगार के अवसर मिलें. इसके साथ ही युवाओं को अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए स्टार्टअप नीति भी लागू की गई है. सरकार का लक्ष्य है कि बिहार के युवा आत्मनिर्भर बनें और उनका भविष्य सुरक्षित हो.

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