पश्चिम एशिया में जारी तनाव के चलते भारत में रसोई गैस (एलपीजी) की किल्लत की आशंका गहरा गई है. इस डर ने देश भर के उपभोक्ताओं के बीच पैनिक बाइंग की स्थिति पैदा कर दी है, जिसके परिणामस्वरूप ब्लिंकिट, जेप्टो और स्विगी इंस्टामार्ट जैसे क्विक-कॉमर्स एप्स पर इंडक्शन कुकटॉप्स पूरी तरह से ‘आउट ऑफ स्टॉक’ हो गए हैं.
इंडक्शन कुकटॉप्स की मांग में भारी उछालनई दिल्ली सहित कई बड़े शहरों में लोग रसोई गैस के विकल्प के रूप में बिजली से चलने वाले उपकरणों की ओर रुख कर रहे हैं. 12 मार्च की ताजा रिपोर्टों के अनुसार, अमेज़न इंडिया पर पिछले दो दिनों में इंडक्शन कुकटॉप की बिक्री में 30 गुना से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई है. फ्लिपकार्ट ने भी पिछले कुछ दिनों में मांग में चार गुना बढ़ोतरी की पुष्टि की है, खासकर दिल्ली, कोलकाता और उत्तर प्रदेश के इलाकों में.
सिर्फ कुकटॉप ही नहीं, बल्कि राइस कुकर, इलेक्ट्रिक प्रेशर कुकर और एयर फ्रायर की बिक्री में भी 2 से 4 गुना का उछाल आया है.
गैस संकट का डर और कारण
उपभोक्ताओं में इस डर का मुख्य कारण पश्चिम एशिया का संघर्ष है, जिससे एलपीजी की वैश्विक आपूर्ति बाधित होने का खतरा मंडरा रहा है. रिपोर्टों के अनुसार, तेल कंपनियों ने वितरकों को अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों जैसे आवश्यक क्षेत्रों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं, जिससे आम जनता को भविष्य में सिलेंडर की कमी का डर सता रहा है.
एलपीजी उत्पादन को अधिकतम करने का आदेश
बढ़ती घबराहट को देखते हुए भारत सरकार ने स्थिति को संभालने के लिए सक्रिय कदम उठाए हैं, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने रिफाइनरियों को एलपीजी उत्पादन को अधिकतम करने का आदेश दिया है, जिससे घरेलू उत्पादन में लगभग 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है. सरकार ने निर्देश दिया है कि पूरा उत्पादन घरेलू उपभोक्ताओं की ओर मोड़ा जाए ताकि रसोई में ईंधन की कोई कमी न हो. सरकार का कहना है कि स्थिति नियंत्रण में है और लोग घबराकर खरीदारी न करें.क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म, जो मिनटों में डिलीवरी का वादा करते हैं, फिलहाल इस भारी मांग को पूरा करने में असमर्थ दिख रहे हैं.


