मास्टरशेफ इंडिया भारत के सबसे पॉपुलर कुकिंग रियलिटी शो में से एक है, जहां देशभर से आए कुक इस मशहूर टाइटल को जीतने के लिए मुकाबला करते हैं. इस साल 5 जनवरी को यह शो अपने 9वें सीजन के साथ वापस आया, जिसके जज तीन सेलिब्रिटी शेफ, विकास खन्ना, रणवीर बराड़ और कुणाल कपूर थे. बीते शुक्रवार, 6 मार्च को एक शानदार ग्रैंड फिनाले के साथ शो खत्म हुआ, जिसमें जोड़ी, विक्रम और अजिंक्य गांधे को सीजन का विनर चुना गया.
ग्रैंड फिनाले में मशहूर शेफ संजीव कपूर, जज विकास खन्ना, रणवीर बराड़ और कुणाल कपूर भी मौजूद रहे, जहां गांधे ब्रदर्स ने मशहूर ट्रॉफी उठाई और मशहूर गोल्डन एप्रन पहना. इस सीजन में एक यूनिक फॉर्मेट पेश किया गया, जिसकी शुरुआत देश भर से 50 जोड़ों से हुई, जिनमें से हर कोई अपना यूनिक बॉन्ड और खाने के जायके की विरासत मास्टरशेफ किचन में लाया.
कौन हैं अजिंक्य और विक्रम गांधे?
अजिंक्य और विक्रम गांधे महाराष्ट्र के नागपुर के रहने वाले हैं. हफ्तों तक चले मुश्किल चैलेंज और शानदार डिशेज के बाद, इस जोड़ी ने अपनी क्रिएटिविटी, स्किल और खाने के लिए पैशन से जजों का दिल जीत लिया और आखिर में मशहूर ट्रॉफी भी अपने नाम की. शो में आने से यह जोड़ी अब नेशनल लेवल पर मशहूर हो गई है.
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, 31 साल के विक्रम ने सिटी प्रीमियर कॉलेज से कॉमर्स की पढ़ाई की है, जबकि अजिंक्य ने 29 साल की उम्र में नागपुर से आर्किटेक्चर की पढ़ाई की. अजिंक्य एक ऐसे परिवार में पले-बढ़े, जहां सभी को खाना पकाने के लिए प्रोत्साहित किया जाता था. अजिंक्य बाद में गोवा चले गए जहां उन्होंने अपना पहला कैफे खोला. समय के साथ, उन्होंने अपनी पत्नी के साथ घर पर छोटे-छोटे डिनर क्लब भी आयोजित करना शुरू कर दिया.
विक्रम गांधे की बात करें तो उनका खाने के साथ रिश्ता बचपन से रहा है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अपने भाई की तरह, विक्रम ने छोटी उम्र में खाना बनाना सीख लिया था, जिसकी वजह से उन्होंने महज 19 साल की उम्र में एक छोटी सी कैंटीन खोली.
उसके बाद 22 साल की उम्र तक, उन्होंने एक रेस्टोरेंट शुरू कर दिया. यह रेस्टोरेंट तीन साल तक चला. विक्रम ने एक बड़े सपने को पूरा करने के लिए रेस्टोरेंट बेचने का फैसला लिया. उनका सपना आइसक्रीम से जुड़ा था. हालांकि जैसे ही वह अपने सपनो को पूरा करने के काम शुरू किया, वैसे ही कोविड महामारी फैल गई, जिसकी वजह से उनका यह प्लान वहीं ठहर गया.
इसके बाद विक्रम ने एक और शौक अपनाया, वो था एयरोमॉडलिंग. मॉडल एयरक्राफ्ट उड़ाना उनके लिए एक एक्टिविटी बन गई, जिससे उन्हें फोकस और रिलैक्सेशन दोनों मिला.
रनर-अप और प्राइज मनी
अजिंक्य और विक्रम ने ट्रॉफी, मशहूर गोल्डन शेफ कोट और सोनी एंटरटेनमेंट टेलीविजन पर 25 लाख रुपये का इनाम जीता है. नागपुर के गांधे बदर्स ने पूरे सीजन में महाराष्ट्रियन घरेलू खाना पकाने की डिशेज के साथ सबसे अलग दिखे.
ग्रैंड फिनाले में दूसरे कंटेस्टेंट्स ने भी जबरदस्त परफॉर्मेंस दी. ओडिशा की बहनें अंजू प्रधान और मंजू ओझा रनर-अप रहीं, जबकि हैदराबाद की मां-बेटी की जोड़ी चंदना और साई श्री राचकोंडा ने तीसरा स्थान हासिल किया.


