मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पटना में सैदपुर और बाकरगंज भूमिगत नाला सह सड़क निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को तेजी से काम पूरा करने का निर्देश दिया।
पटना। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को सैदपुर तथा बाकरगंज भूमिगत नाला निर्माण के साथ सड़क निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। उन्होने तेजी से कार्य पूर्ण करने का दिया निर्देश दिया।
इस दौरान पटना प्रमंडल के आयुक्त अनिमेष पराशर एवं जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एसएम ने मुख्यमंत्री को इस योजना के संबंध में विस्तृत जानकारी दी।
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने पहले भी इस योजना के काम काे कई बार देखा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सैदपुर नाले का बेहतर ढंग से जीर्णोद्धार कर इसके ऊपर फोरलेन सड़क का निर्माण कार्य तेजी से पूर्ण करें।
यह योजना काफी अच्छी है। इसके पूर्ण होने से सैदपुर, राजेन्द्र नगर, मुसल्लहपुर हाट, गायघाट और पहाड़ी क्षेत्र में ट्रैफिक जाम की समस्या समाप्त होगी तथा न्यू पटना बाईपास से जुड़ने का लोगों को एक वैकल्पिक मार्ग की सुविधा मिलेगी।
फोर लेन सड़क बन जाने से शहरवासियों को बेहतर आवागमन की सुविधा मिलने के साथ-साथ शहर भी खुबसूरत दिखेगा।मालूम हो कि पटना के 9 ड्रेनेज पंपिंग स्टेशन एवं एक सिवरेज ट्रिटमेंट प्लांट (एसटीपी) के पानी का बहाव सैदपुर नाला के माध्यम से होता है।
नगर विकास विभाग अन्तर्गत बिहार शहरी आधारभूत संरचना विकास निगम लिमिटेड (बुडको) के द्वारा 259.81 करोड़ रूपये की लागत से सैदपुर नाला पर पहाड़ी तक भूमिगत नाला के साथ सड़क का निर्माण कार्य कराया जा रहा है। इस नाला की लंबाई 5.61 किलोमीटर है।
जलजमाव की समस्या से मिलेगी मुक्ति
मुख्यमंत्री ने बाकरगंज भूमिगत नाला निर्माण के साथ-साथ सड़क निर्माण कार्य का भी निरीक्षण किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इसका निर्माण कार्य बेहतर ढंग से और जल्द पूर्ण करें।
इसके पूर्ण होने से इस क्षेत्र में जल निकासी की व्यवस्था बेहतर होगी और जलजमाव की समस्या नहीं रहेगी। नाले के ऊपर सड़क बनने से इस क्षेत्र में आवागमन सुगम होगा।
बाकरगंज नाला पटना शहर के भीतरी हिस्से में स्थित एक मुख्य ड्रेनेज/नाला है, जो उमा सिनेमा हाल से शुरू होकर अंटा घाट तक गंगा नदी की ओर जाता है। यह नाला शहर के कई भागों, बाजारों एवं आवासीय इलाकों के बीच से गुजरता है।
वर्षा के समय जल निकासी के लिये यह एक अहम मार्ग है। इस परियोजना के तहत लगभग 1.4 किलोमीटर लंबी सड़क, नाले के ऊपर बनाई जा रही है, जिससे ट्रैफिक और जल निकासी दोनों बेहतर होगी।
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, सचिव कुमार रवि, सचिव डॉ. चन्द्रशेखर सिंह सहित अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित थे।


