भारतीय शेयर बाजार ने सप्ताह के आखिरी कारोबारी सत्र की शुरुआत गिरावट के साथ की. शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में चौतरफा बिकवाली के कारण सेंसेक्स और निफ्टी दोनों लाल निशान में खुले. हालांकि, घरेलू आईटी शेयरों में जोरदार बढ़त देखी गई, लेकिन यह अन्य क्षेत्रों में हो रही बिकवाली के दबाव को कम करने में विफल रही.
बाजार का ताजा हाल
सुबह 9:20 बजे तक, बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स 346 अंक (0.42%) गिरकर 81,903 के स्तर पर आ गया. वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 113 अंक (0.44%) फिसलकर 25,383 पर कारोबार करता दिखा. मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स भी मुख्य सूचकांकों की तरह दबाव में रहे; निफ्टी मिडकैप 100 में 0.30% और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 0.37% की गिरावट दर्ज की गई.
आईटी सेक्टर ने दिखाया दम
वैश्विक स्तर पर अमेरिकी बाजार में तकनीकी शेयरों में भारी गिरावट के बावजूद, भारतीय आईटी शेयरों ने मजबूती दिखाई. जहाँ वॉल स्ट्रीट पर दिग्गज चिप निर्माता कंपनी Nvidia के कमजोर नतीजों के कारण नैस्डैक (Nasdaq) 1.18% टूट गया, वहीं भारतीय निफ्टी आईटी इंडेक्स 1.56% की बढ़त के साथ कारोबार कर रहा था. इसके अलावा केवल कंज्यूमर ड्यूरेबल्स (0.34%) ही हरे निशान में रहा.
सेक्टरवार प्रदर्शन और गिरावट के कारण
बाजार में सबसे ज्यादा गिरावट FMCG (0.59%) और ऑटो (0.54%) सेक्टर में देखी गई. विशेषज्ञों के अनुसार, मध्य पूर्व (Middle East) में जारी संकट और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव ने निवेशकों को सतर्क कर दिया है. विश्लेषकों का मानना है कि फरवरी महीने में भारतीय आईटी स्टॉक पहले ही 20% से अधिक टूट चुके हैं, इसलिए आज की बढ़त शॉर्ट-कवरिंग हो सकती है.
अहम सपोर्ट और रेजिस्टेंस लेवल
बाजार के जानकारों के अनुसार, निफ्टी के लिए 25,300–25,350 का स्तर एक महत्वपूर्ण सपोर्ट जोन है, जबकि 25,600–25,650 पर तत्काल रेजिस्टेंस देखा जा रहा है. बैंक निफ्टी की बात करें तो 60,800–60,900 के पास सपोर्ट और 61,400–61,500 के स्तर पर रेजिस्टेंस मिलने की उम्मीद है.
वैश्विक और संस्थागत आंकड़े
एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख रहा; जापान का निक्केई और चीन का शंघाई गिरावट के साथ खुले, जबकि हांगकांग के हैंग सेंग में मामूली बढ़त रही. संस्थागत निवेश की बात करें तो 26 फरवरी को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने 3,466 करोड़ रुपये की शुद्ध बिकवाली की, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने 5,032 करोड़ रुपये की खरीदारी कर बाजार को संभालने का प्रयास किया.


