Sunday, March 22, 2026

बिटकॉइन में 40% की भारी गिरावट से निवेशकों के अरबों डॉलर डूबे.

Share

नई दिल्ली: दुनिया की सबसे बड़ी और लोकप्रिय क्रिप्टोकरेंसी, बिटकॉइन इस समय अपने सबसे बुरे दौर से गुजर रही है. पिछले कुछ हफ्तों में बिटकॉइन की कीमतों में जो सुनामी आई है, उसने निवेशकों के अरबों डॉलर स्वाहा कर दिए हैं. ताजा आंकड़ों के मुताबिक, बिटकॉइन अपने हालिया उच्चतम स्तर से 40% से अधिक गिर चुका है. लेकिन बाजार के लिए सबसे बड़ी चिंता का विषय कीमत की गिरावट नहीं, बल्कि खरीदारों की चुप्पी है.

खरीदारों की बेरुखी ने बढ़ाई चिंता
ब्लूमबर्ग की एक ताजा रिपोर्ट ने क्रिप्टोकरेंसी बाजार की पोल खोल दी है. आमतौर पर जब भी बिटकॉइन की कीमतों में गिरावट आती है, तो निवेशक ‘बाय द डिप’ (Buy the Dip) की रणनीति अपनाते हैं और निचली कीमतों पर खरीदारी शुरू कर देते हैं. लेकिन इस बार स्थिति बिल्कुल उलट है. गिरावट के बावजूद खरीदार गायब हैं और बाजार में कोई बड़ा ‘सपोर्ट’ नजर नहीं आ रहा है. विशेषज्ञों का कहना है कि निवेशकों का भरोसा डगमगा गया है, जिससे बाजार में वापसी की उम्मीदें धुंधली पड़ती जा रही हैं.

ईटीएफ (ETF) से भारी निकासी
निवेशकों की इस बेरुखी को आंकड़ों से भी समझा जा सकता है. पिछले तीन महीनों में अमेरिकी स्टॉक एक्सचेंज में लिस्टेड स्पॉट बिटकॉइन ईटीएफ से लगभग 3.3 अरब डॉलर (करीब 30,000 करोड़ रुपये) की भारी निकासी हुई है. यह संकेत देता है कि संस्थागत निवेशक अब डिजिटल एसेट से अपना हाथ खींच रहे हैं.

क्या कहते हैं एक्सपर्ट?
एकेडियन एसेट मैनेजमेंट के पोर्टफोलियो मैनेजर ओवेन लैमोंट के अनुसार, बिटकॉइन की पूरी चमक उसकी बढ़ती कीमतों और उसके इर्द-गिर्द बुनी गई ‘कहानियों’ पर आधारित थी. अब जब कीमतें तेजी से गिर रही हैं, तो वह भरोसा टूट रहा है. बिटकॉइन का कोई आंतरिक मूल्य (Intrinsic Value) नहीं होने के कारण, यह पूरी तरह से नए खरीदारों के प्रवेश पर निर्भर करता है. वर्तमान में, खुदरा निवेशक भारी घाटे में हैं और नई एंट्री लेने से डर रहे हैं.

‘बिटकॉइन नहीं है सोना…’
सेवन्स रिपोर्ट के प्रेसिडेंट टॉम एस्से ने भी बिटकॉइन को लेकर बड़ी बात कही है. उन्होंन कहा कि, ‘लोग समझ रहे हैं कि Bitcoin वही है जो वह हमेशा से रहा है यानी एक सट्टा निवेश. बिटकॉइन सोने की जगह नहीं ले रहा है और यह डिजिटल गोल्ड नहीं है. यह न तो सोने जैसा काम करता है और न ही उसके जैसी उपयोगिता है.

दूसरे शब्दों में कहें, तो यह महंगाई से बचाव का साधन नहीं है.’ एस्से के मुताबिक, सच में इससे बेहतर महंगाई से बचाव के दूसरे कई साधन मौजूद हैं, जहां आपको अस्थिरता की चिंता करने की जरूरत ही नहीं है.

Read more

Local News