बिहार के सभी 38 राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेजों में नए शैक्षणिक सत्र से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की पढ़ाई शुरू होगी। सरकार तकनीकी शिक्षा के छात्रों को अत्याधुनिक सुविधाएं देने के लिए गंभीर है।
पटना। राज्य के तकनीकी शिक्षा के छात्र-छात्राओं को अत्याधुनिक शैक्षणिक सुविधाएं मुहैया कराने को लेकर सरकार बेहद गंभीर है।
इसकी नजीर है कि नये शैक्षणिक सत्र से सभी 38 राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालयों में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) की पढ़ाई शुरू करायी जाएगी।
साथ ही प्रत्येक इंजीनियरिंग महाविद्यालय में नवाचार को बढ़ावा दिया जाएगा। वित्तीय वर्ष 2026-27 में प्रत्येक इंजीनियरिंग महाविद्यालय को 30- 30 लाख रुपये की राशि दी जाएगी। यह राशि एआई आधारित प्रयोगशालाओं की व्यवस्था पर खर्च की जाएगी।
विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग ने बजट में भी एआई को पाठ्यक्रम में शामिल करने और नवाचार को बढ़ावा देने हेतु राशि का प्रविधान किया है।
एआई की निशुल्क पढ़ाई
विभागीय मंत्री सुनील कुमार ने सभी इंजीनियरिंग महाविद्यालयों में एआई की निशुल्क पढ़ाई की व्यवस्था करने का निर्देश दिया है।
विभाग के मुताबिक वित्तीय वर्ष 2026-27 में बिहार के राजकीय इंजीनियरिंग महाविद्यालयों का उन्नयन की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की जा रही है।
अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआइसीटीई) की ओर से इंजीनियरिंग महाविद्यालयों में आधारभूत संरचना का विकास पर तेजी से कार्य करने का निर्देश दिया गया है।
इंजीनियरिंग महाविद्यालयों के उन्नयन में आईआईटी, ट्रिपलआईटी जैसे शीर्ष संस्थान भी सहयोग करेंगे। शिक्षा मंत्रालय ने राज्य के इंजीनियरिंग महाविद्यालयों में प्रोजेक्ट प्रैक्टिस (प्रोजेक्ट फार एडवांसिंग क्रिटिकल थिंकिंग, इंडस्ट्री कनेक्ट एंड एम्पायविलिटी) शुरू करने की पहल की है।
इससे तकनीकी शिक्षा पाने वाले प्रदेश के युवाओं को लाभ मिलेगा। शिक्षा मंत्रालय और अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद ने विगत वर्ष 2025 को देश भर एआई वर्ष के रूप में मनाया था।


