भारत और दक्षिण अफ्रीका आज अहमदाबाद में अपने सुपर 8 मैच की शुरुआत करेंगे. दोनों ही टीमें अभी तक अजय रही हैं. इसलिए आज किसी एक टीम के विजयी रथ को विराम लगेगा. भारत अब तक वर्ल्ड कप में लगातार 12 मैच जीत चुका है. जो पिछले वर्ल्ड कप से शुरु हुआ है. वहीं अफ्रीका लगातार चार मैच जीत चुकी है.
दोनों ही टीमें जब रविवार को शाम 7 बजे नरेंद्र मोदी स्टेडियम में आमने सामने होंगी तो ये ऐतिहासिक 2024 टी20 वर्ल्ड कप फाइनल का रीमैच ही नहीं, बल्कि उससे कहीं ज्यादा होगा. क्योंकि इस बार मैदान पर दो भाई भी आमने सामने होंगे. जिससे मैच का रोमांच और ज्यादा बढ़ जाता है.
ये मैच साउथ अफ्रीका के दो भाईयों के लिए भी उतनी ही अहम है जितना टीमों के लिए है. इस मैच के दौरान एक भाई भारत के कैंप में होगा और दूसरा भाई साउथ अफ्रीका के कैंप में. ये कहानी मोर्कल ब्रादर्स एल्बी और मोर्ने की है.
एल्बी मोर्कल vs मोर्ने मोर्कल
बड़ा भाई एल्बी मोर्कल साउथ अफ्रीकी टीम में कंसल्टेंट कोच के तौर पर काम कर रहे हैं. उन्होंने साउथ अफ्रीका के लिए एक टेस्ट, 58 वनडे और 50 T20I खेले हैं. वहीं उनके छोटे भाई मोर्ने मोर्कल भारत के बॉलिंग कोच हैं. उन्होंने साउथ अफ्रीका के लिए 86 टेस्ट, 117 वनडे और 44 T20I खेल चुके हैं.
इस हाई-प्रोफाइल मुकाबले से पहले, दोनों ने ये साफ कर दिया कि उनका मकसद अपनी-अपनी टीमों को जीत दिलाने में मदद करना है. रविवार को BCCI द्वारा शेयर किए गए एक वीडियो में, एल्बी ने साउथ अफ्रीकी सेटअप में अपनी जिम्मेदारियों के बारे में बताया और बॉलिंग कोच के तौर पर मोर्ने के आगे बढ़ने का क्रेडिट भी लिया.
एल्बी ने कहा, ‘स्पेशलिस्ट कंसल्टेंट’, यह बहुत लंबा नाम है. दूसरे शब्दों में कहा जाए तो मेरा काम टीम इंडिया को हराने के तरीके को ढूंढना है. हमने साथ में कुछ क्रिकेट खेला है, और अब हम दोनों कोचिंग रोल में हैं. हमने असल में पहले साथ में कोचिंग की थी, वहीं मैंने उसे एक बहुत अच्छा बॉलिंग कोच बनाया. उसे दिखाया कि यह कैसे करना है.’
इस बीच, मोर्ने ने कहा, ‘मुझे लगता है कि एक बॉलिंग कोच के तौर पर, आप जानते हैं, आप पर हमेशा बहुत प्रेशर रहता है. लेकिन हम काफी लकी हैं कि हमारे ग्रुप में बहुत एक्सपीरियंस खिलाड़ी है. बहुत से लोग हैं जो उस मेंटल लोड में आपकी मदद कर सकते हैं.’
एल्बी ने माना कि जब भाई अलग-अलग साइड में होते हैं तो फैमिली में हंसी-मजाक होना लाजिमी है, लेकिन उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि प्रोफेशनलिज्म पहले आता है.
उन्होंने कहा, ‘वह (मोर्ने) इंडिया के लिए काम करता है, मैं साउथ अफ्रीका के लिए काम करता हूं, और हम दोनों का एक ही गोल गेम जीतना है और फैमिली हंसी-मजाक करेगी. हम इन चीजों को कैसे करते हैं, इस बारे में हम बहुत शांत और प्रोफेशनल हैं. हमारे खेलने के दिनों में भी, हम शायद ही कभी गेम या पलों के बारे में बात करते थे, चाहे वह फील्ड पर हो या फील्ड के बाहर.’
हालांकि, मोर्ने ने कहा कि उन्होंने अपने बड़े भाई के खिलाफ कभी भी ज्यादा कॉम्पिटिटिव स्ट्रीक नहीं दिखाई. मोर्ने ने कहा, ‘मैं एल्बी से तीन साल छोटा हूं, और मैं घर में सबसे छोटा था. इसलिए बॉलिंग और जो मुझे बताया जाता था, वही करने के मामले में, हम चीजों को ऐसे ही करते थे. इसलिए मेरी तरफ से कोई कॉम्पिटिटिव एज नहीं था.’
मां की बढ़ी टेंशन
इस मैच को लकेर सबसे ज्यादा टेंशन एक मां को होगी और वो मोर्कल भाईयों की मां मारियाना मोर्कल हैं. वो प्रिटोरिया में अपने घर पर इस बात को लेकर कन्फ्यूज होंगी कि साउथ अफ्रीका को सपोर्ट करें, जिसमें उनका बड़ा बेटा कोचिंग दे रहा है. या इंडिया को, जहां उनके छोटे बेटे मोर्ने मोर्कल कोचिंग दे रहे हैं.
एल्बी ने ग्रुप मैच के बाद भारत और दक्षिण अफ्रीका मैच को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि. हम दोनों भाई ज्यादा परेशान नहीं है, लेकिन मुझे लगता है कि मेरी मां, वह हमसे ज्यादा परेशान हैं. उन्हें नहीं पता कि वो किसे सपोर्ट करेंगी, इंडिया को या साउथ अफ्रीका को.


