वाशिंगटन: अमेरिकी अर्थव्यवस्था के लिए बीते वर्ष का अंत व्यापारिक मोर्चे पर बड़ी चुनौती लेकर आया है. नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, दिसंबर 2025 में अमेरिका के व्यापार घाटे में भारी उछाल आया है. विशेष रूप से भारत के साथ अमेरिका का वस्तु व्यापार घाटा (Goods Deficit) पूरे वर्ष के लिए 58.2 अरब डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है.
दिसंबर में घाटे में 32% की बढ़ोतरी
यूएस सेंसस ब्यूरो और ब्यूरो ऑफ इकोनॉमिक एनालिसिस द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, दिसंबर में कुल वस्तु और सेवाओं का घाटा बढ़कर 70.3 अरब डॉलर हो गया. नवंबर में यह आंकड़ा 53.0 अरब डॉलर था. इस एक महीने के दौरान निर्यात में 1.7 प्रतिशत की गिरावट देखी गई और यह 287.3 अरब डॉलर रहा, जबकि आयात 3.6 प्रतिशत बढ़कर 357.6 अरब डॉलर पर पहुंच गया.
भारत के साथ व्यापारिक संबंध मजबूत
भारत अब अमेरिका के उन प्रमुख व्यापारिक साझेदारों में शामिल हो गया है जिनके साथ वाशिंगटन का द्विपक्षीय व्यापार घाटा काफी बड़ा है. वर्ष 2025 के लिए भारत के साथ अमेरिका का वस्तु घाटा 58.2 अरब डॉलर रहा. केवल दिसंबर के महीने में ही भारत के साथ यह घाटा 5.2 अरब डॉलर दर्ज किया गया. विशेषज्ञों का मानना है कि यह आंकड़े अमेरिका और भारत के बीच बढ़ते व्यापारिक संबंधों और भारत की अमेरिकी बाजार में एक प्रमुख आपूर्तिकर्ता के रूप में उभरती भूमिका को दर्शाते हैं.
वैश्विक तुलना: चीन से घाटा कम, वियतनाम से बढ़ा
रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका का सबसे बड़ा व्यापार घाटा यूरोपीय संघ (218.8 अरब डॉलर) और चीन (202.1 अरब डॉलर) के साथ रहा. हालांकि, चीन के साथ घाटे में पिछले वर्षों के मुकाबले गिरावट आई है. वहीं, मेक्सिको (196.9 अरब डॉलर), वियतनाम (178.2 अरब डॉलर) और ताइवान (146.8 अरब डॉलर) के साथ भी व्यापारिक असंतुलन काफी अधिक रहा.
आयात-निर्यात का गणित
दिसंबर में घाटा बढ़ने का मुख्य कारण वस्तुओं के आयात में हुई वृद्धि है. कंप्यूटर एक्सेसरीज, टेलीकॉम उपकरण और कच्चे तेल के आयात में तेजी देखी गई. वहीं, औद्योगिक आपूर्ति और सोने के निर्यात में कमी आने से अमेरिकी खजाने पर बोझ बढ़ा. हालांकि, सेमीकंडक्टर और फार्मास्युटिकल उत्पादों के निर्यात में मामूली बढ़त दर्ज की गई.
रणनीतिक महत्व
यह डेटा ऐसे समय में आया है जब अमेरिका अपनी सप्लाई चेन को चीन से हटाकर एशिया के अन्य देशों, विशेषकर भारत की ओर मोड़ने का प्रयास कर रहा है. व्यापार के ये आंकड़े आने वाले समय में दोनों देशों के बीच टैरिफ (शुल्क


