मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की घोषणा पर अमल करते हुए बिहार अल्पसंख्यक कल्याण विभाग 1076 पदों पर जल्द नियुक्ति करेगा। ये नियुक्तियां बीपीएससी के माध्यम से होंगी, जिसमें प्रखंड कल्याण पदाधिकारी के नए पद भी शामिल हैं।
पटना। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की घोषणा पर अमल करते हुए अल्पसंख्यक कल्याण विभाग द्वारा 1076 पदों पर नियुक्ति जल्द की जाएगी।
ये नियुक्तियां बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) के माध्यम से करायी जाएगी। इसके लिए विभाग द्वारा सामान्य प्रशासन विभाग के माध्यम से आयोग को अधियाचना भेज दी गई है।
राज्य सरकार पहली बार अल्पसंख्यकों के कल्याण तथा सरकारी योजनाओं का समुचित लाभ पहुंचाने के लिए प्रत्येक प्रखंड में एक-एक प्रखंड कल्याण पदाधिकारी की नियुक्ति करेगी। शुक्रवार को अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री मो. जमा खान ने सूचना भवन के संवाद सभागार में पत्रकारों को यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि कहा कि जिन पदों पर नियुक्तियां होंगी, उनमें जिला अल्पसंख्यक कल्याण पदाधिकारी के छह, प्रखंड अल्पसंख्यक कल्याण पदाधिकारी के 487, निम्नवर्गीय लिपिक (मुख्यालय या निदेशालय-सचिवालय लिपिकीय सेवा) के आठ, निम्नवर्गीय लिपिक (क्षेत्रीय लिपिकीय सेवा संवर्ग) के 14, निम्नवर्गीय लिपिक (बिहार समाहरणालय लिपिकीय सेवा संवर्ग) के 524 और छात्रावास प्रबंधक के 37 पद शामिल हैं
उन्होंने कहा कि कक्षा नौवीं से 12वीं तक के 22 अल्पसंख्यक आवासीय विद्यालय का निर्माण संबंधित जिलों में कराया जा रहा है। वर्तमान में दो दरभंगा और किशनगंज में विद्यालय संचालित किए जा रहे हैं।
अप्रैल तक कटिहार, जमुई, कैमूर, नालंदा और मुजफ्फरपुर में ये विद्यालय तैयार हो जाएंगे। इसके बाद इन स्कूलों की संख्या सात हो जाएगी। प्रत्येक जिले में इस तरह के अल्पसंख्यक आवासीय कल्याण विद्यालय बनाने की योजना है।
75 मदरसों में स्मार्ट क्लास लागू
मंत्री मो. जमा खान ने बताया कि राज्य के 75 मदरसों में स्मार्ट क्लास शुरू किया गया है। जल्द ही सभी मदरसों में यह सुविधा शुरू होगी।
मदरसों में छात्र-छात्राओं को रोजगार के लिए व्यवसायिक अध्ययन के लिए व्यवासायिक पाठ्यक्रमों के संचालन के लिए बिहार राज्य मदरसा शिक्षा बोर्ड से अनुदानित नौ मदरसों और मौलाना मजहरूल हक अरबी एवं फारसी विश्वविद्यालय में एक यानी कुल 10 सेंटर स्थापित किए जा रहे हैं।
पत्रकार सम्मेलन में विभाग के सचिव मो. सोहेल, विशेष सचिव एवं निदेशक आमिर अफाक अहमद फैजी, अपर सचिव इबरार अहमद खान एवं शाहिद प्रवेज, उपसचिव नुरूल आईन के अलावा सुन्नी वक्फ बोर्ड के निदेशक समेत अन्य पदाधिकारी मौजूद थे।


