Saturday, March 14, 2026

भारतीय शेयर बाजार में आज मेटल शेयरों की भारी गिरावट से कमजोरी रही, जबकि आईटी सेक्टर की बढ़त ने निफ्टी को सहारा दिया.

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मुंबई: भारतीय शेयर बाजारों में मंगलवार को शुरुआती कारोबार के दौरान कमजोरी देखने को मिली. साप्ताहिक निफ्टी एक्सपायरी से पहले बाजार में भारी अस्थिरता देखी जा रही है. मुख्य रूप से मेटल और ऑटो सेक्टर में आई गिरावट ने सूचकांकों पर दबाव बनाया है, जिससे बेंचमार्क इंडेक्स लाल निशान में कारोबार कर रहे हैं.

बाजार का ताजा हाल
सुबह के सत्र में BSE सेंसेक्स लगभग 232 अंक या 0.28 प्रतिशत गिरकर 83,044 के स्तर पर पहुंच गया. वहीं, निफ्टी 50 भी 92 अंकों या 0.36 प्रतिशत की गिरावट के साथ 25,590 के स्तर पर कारोबार करता देखा गया. बाजार की इस गिरावट का असर केवल बड़े शेयरों तक सीमित नहीं रहा; निफ्टी मिडकैप 100 में 0.28 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 0.05 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई.

सेक्टरवार प्रदर्शन: मेटल बनाम IT
आज के कारोबार में निफ्टी मेटल इंडेक्स सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है, जिसमें 1.35 प्रतिशत की भारी गिरावट देखी गई. चीन के शंघाई और शेन्ज़ेन सूचकांकों में 1 प्रतिशत से अधिक की कमजोरी ने वैश्विक स्तर पर मेटल की मांग को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं, जिसका सीधा असर टाटा स्टील, हिंडाल्को और JSW स्टील जैसे शेयरों पर पड़ा है.

दूसरी ओर, IT सेक्टर बाजार को सहारा देने की कोशिश कर रहा है. निफ्टी IT इंडेक्स 1.08 प्रतिशत की बढ़त के साथ कारोबार कर रहा है. विप्रो (Wipro) जैसे शेयरों में बड़ी ब्लॉक डील और तकनीकी मजबूती ने निवेशकों का भरोसा बनाए रखा है. IT के अलावा FMCG और PSU बैंक भी मामूली बढ़त के साथ हरे निशान में टिके हुए हैं.

विशेषज्ञों की राय और सपोर्ट लेवल
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि निफ्टी के लिए 25,500 – 25,550 का जोन एक तत्काल और मजबूत सपोर्ट के रूप में काम करेगा. यदि यह स्तर टूटता है, तो और गिरावट देखी जा सकती है. वहीं, ऊपर की ओर 25,700 – 25,800 का स्तर एक कड़ा रेजिस्टेंस (बाधा) बना हुआ है. बैंक निफ्टी ने तुलनात्मक रूप से लचीलापन दिखाया है, जिसके लिए 60,500 का स्तर एक महत्वपूर्ण डिमांड एरिया है.

निवेशकों का रुझान (FII और DII)
बाजार में संस्थागत निवेशकों की गतिविधि मिश्रित बनी हुई है. 16 फरवरी के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने ₹972 करोड़ के शेयर बेचे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने ₹1,667 करोड़ की शुद्ध खरीदारी की. विशेषज्ञों का कहना है कि घरेलू निवेशकों का मजबूत अंतर्वाह (Inflow) बाजार को नीचे गिरने से रोकने के लिए एक सुरक्षा कवच का काम कर रहा है.

वैश्विक संकेत
अमेरिकी बाजार सोमवार को ‘प्रेसिडेंट्स डे’ के अवसर पर बंद थे. एशियाई बाजारों की बात करें तो जापान का निक्केई 1.09 प्रतिशत और चीन का शंघाई इंडेक्स 1.26 प्रतिशत नीचे गिरकर बंद हुआ, जिसका नकारात्मक प्रभाव भारतीय सेंटीमेंट पर पड़ा.

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