Monday, March 23, 2026

AI के डर और कमजोर वैश्विक संकेतों से शेयर बाजार 1% टूटा, IT और मेटल शेयरों में भारी गिरावट से निवेशक डरे.

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नई दिल्ली: भारतीय शेयर बाजार के लिए पिछला हफ्ता काफी उथल-पुथल भरा रहा. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर वैश्विक स्तर पर बढ़ी चिंताओं और कमजोर विदेशी संकेतों के चलते भारतीय बाजारों ने करीब 1 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की. इस गिरावट का सबसे बड़ा असर IT सेक्टर पर देखने को मिला, जो AI के बढ़ते प्रभाव के कारण भविष्य की चुनौतियों से डरा हुआ है.

बाजार का हाल: सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट
शुक्रवार को हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन बाजार में भारी बिकवाली हुई. सेंसेक्स (Sensex) 1,048 अंक या 1.25 प्रतिशत लुढ़ककर 82,626 के स्तर पर बंद हुआ. पूरे सप्ताह के आधार पर इसमें 1.14 प्रतिशत की गिरावट आई. वहीं, निफ्टी (Nifty) शुक्रवार को 1.30 प्रतिशत गिरकर 25,471 पर आ गया, जबकि साप्ताहिक आधार पर इसमें 0.87 प्रतिशत की कमी देखी गई.

AI का डर और IT सेक्टर पर दबाव
बाजार में इस गिरावट की मुख्य वजह अमेरिकी शेयर बाजार (वॉल स्ट्रीट) में AI से जुड़ी चिंताओं के कारण आई बिकवाली है. निवेशकों को डर है कि AI की तेजी से होती प्रगति भारतीय IT कंपनियों के पारंपरिक बिजनेस मॉडल को नुकसान पहुँचा सकती है. निफ्टी IT इंडेक्स इस हफ्ते 10 महीने के निचले स्तर तक पहुँच गया. हालांकि, अंत में कुछ खरीदारी से इसमें सुधार हुआ, लेकिन भविष्य में कमाई को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है.

सेक्टरवार प्रदर्शन

  • बाजार के लगभग सभी प्रमुख सेक्टर्स लाल निशान में बंद हुए:
  • मेटल इंडेक्स: सबसे ज्यादा 3.3 प्रतिशत की गिरावट.
  • रियल्टी: 2.2 प्रतिशत नीचे रहा.
  • FMCG: 1.9 प्रतिशत की कमजोरी दर्ज की गई.

हालांकि, मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों ने तुलनात्मक रूप से बेहतर प्रदर्शन किया. निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.56 प्रतिशत की बढ़त देखी गई.

अन्य वैश्विक कारण
डॉलर की मजबूती: अमेरिका में रोजगार के बेहतर आंकड़ों ने ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदों को कम कर दिया है, जिससे डॉलर मजबूत हुआ है.

रूस-अमेरिका समीकरण: मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, रूस फिर से डॉलर सेटलमेंट सिस्टम में शामिल हो सकता है, जिससे कीमती धातुओं (सोना-चांदी) पर दबाव बढ़ गया है.

विशेषज्ञों का मानना है कि निफ्टी के लिए 25,400 का स्तर बेहद महत्वपूर्ण है; यदि यह टूटता है, तो बाजार 25,100 तक गिर सकता है. अगले हफ्ते निवेशकों की नजर दिल्ली में होने वाले ‘इंडिया AI इम्पैक्ट समिट’ और वैश्विक राजनीतिक हलचलों पर रहेगी. बैंकिंग और ऑटो सेक्टर में कुछ मजबूती की उम्मीद की जा सकती है.

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