नई दिल्ली: पिछले सत्र की भारी गिरावट के बाद आज सोने और चांदी की कीमतों में शानदार तेजी देखी गई. निवेशकों द्वारा निचले स्तरों पर की गई ‘वैल्यू बाइंग’ (सस्ते भाव पर खरीदारी) के कारण बाजार में 1% से 2% से अधिक का उछाल आया.
MCX और वैश्विक बाजार का हाल
भारतीय वायदा बाजार (MCX) में अप्रैल डिलीवरी वाला सोना 1.08% बढ़कर ₹1,54,480 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया. वहीं, चांदी के मार्च वायदा में 2.59% की बड़ी बढ़त दर्ज की गई और यह ₹2,42,564 प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रही है.
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कोमेक्स (COMEX) सोना $4,850 से $5,100 के बीच ट्रेड कर रहा है, जो हाल के $5,600 के उच्चतम स्तर से सुधार को दर्शाता है. चांदी भी $121 के रिकॉर्ड स्तर से गिरकर वर्तमान में $73–$84 के दायरे में बनी हुई है.
कीमतों में उछाल के मुख्य कारण
वैल्यू बाइंग: कीमतों में आई हालिया गिरावट को विशेषज्ञों ने ‘हेल्दी प्रॉफिट बुकिंग’ करार दिया है. निवेशकों ने इसे खरीदारी के अच्छे मौके के रूप में देखा.
भू-राजनीतिक और आर्थिक कारक: पीएल कैपिटल के सीईओ संदीप रायचूरा के अनुसार, अमेरिका और भारत के बीच व्यापारिक समझौतों के बावजूद, उच्च मुद्रास्फीति और वैश्विक अस्थिरता के कारण केंद्रीय बैंकों द्वारा सोने की खरीदारी (Reserve Bank Buying) जारी है.
महंगाई का दबाव: भारत में जनवरी की बढ़ती महंगाई और वैश्विक अनिश्चितताओं ने सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की मांग को बढ़ाए रखा है.
आगे क्या है उम्मीद?
बाजार जानकारों का मानना है कि सोने का दीर्घकालिक रुझान अभी भी सकारात्मक है. संदीप रायचूरा के मुताबिक, सोना 2026 के अंत तक $6,000 प्रति औंस के स्तर को छू सकता है. फिलहाल सोने के लिए ₹1,54,000 और चांदी के लिए ₹2,42,000 का स्तर एक मजबूत ‘सपोर्ट’ (न्यूनतम आधार) के रूप में काम कर रहा है.निवेशकों की नजर अब शुक्रवार देर शाम आने वाले अमेरिकी मुद्रास्फीति (CPI) के आंकड़ों पर है, जिससे फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों की दिशा तय होगी. विश्लेषकों का कहना है कि अगले 3 वर्षों तक सोने में तेजी का दौर बना रह सकता है.


