Friday, February 13, 2026

माइक्रोसॉफ्ट AI चीफ मुस्तफा सुलेमान ने चेतावनी दी है कि,अगले 18 महीनों में वकीलों और अकाउंटेंट्स जैसी अधिकांश व्हाइट-कॉलर नौकरियां पूरी तरह ऑटोमेट हो जाएंगी.

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नई दिल्ली: माइक्रोसॉफ्ट के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) प्रमुख मुस्तफा सुलेमान ने एक चौंकाने वाली भविष्यवाणी करते हुए कहा है कि अगले 12 से 18 महीनों के भीतर कंप्यूटर पर आधारित अधिकांश ‘व्हाइट-कॉलर’ नौकरियां ऑटोमेट (स्वचालित) हो सकती हैं. सुलेमान के अनुसार, माइक्रोसॉफ्ट अब ‘प्रोफेशनल-ग्रेड AGI’ (Artificial General Intelligence) विकसित करने की दौड़ में है, जो वकीलों, अकाउंटेंट्स और प्रोजेक्ट मैनेजर्स जैसे पेशेवरों के काम को पूरी तरह संभालने में सक्षम होगा.

क्या है माइक्रोसॉफ्ट का प्लान?
फाइनेंशियल टाइम्स को दिए एक इंटरव्यू में सुलेमान ने स्पष्ट किया कि एआई का मौजूदा दौर केवल उत्पादकता बढ़ाने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह ज्ञान-आधारित पेशों में बड़ा संरचनात्मक बदलाव लाएगा. उन्होंने कहा, “चाहे आप वकील हों, अकाउंटेंट हों या मार्केटिंग एक्सपर्ट, अगर आपका काम कंप्यूटर के सामने बैठकर होता है, तो अगले डेढ़ साल में आपके अधिकांश कार्य AI द्वारा किए जा सकेंगे.”

माइक्रोसॉफ्ट की रणनीति अब उन रूटीन कार्यों को ऑटोमेट करने की है जिनमें अभी कुशल कर्मचारियों की जरूरत पड़ती है, जैसे कि दस्तावेजों का ड्राफ्ट तैयार करना, डेटा विश्लेषण और प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेशन. सुलेमान ने यह भी संकेत दिया कि भविष्य में अपना खुद का AI मॉडल बनाना उतना ही आसान होगा जितना कि ब्लॉग लिखना या पॉडकास्ट बनाना.

टेक जगत में छंटनी का दौर
सुलेमान की यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब दुनिया की दिग्गज टेक कंपनियां AI के लिए अपना रास्ता बनाने के लिए बड़े पैमाने पर छंटनी कर रही हैं. हाल ही में:

Oracle ने अपने AI डेटा सेंटर की क्षमता बढ़ाने के लिए 20,000 से 30,000 नौकरियों में कटौती की योजना बनाई है.

Amazon ने भी अपने AI रिस्ट्रक्चरिंग प्लान के तहत 16,000 कर्मचारियों को निकालने की घोषणा की है.

भारत पर प्रभाव और अवसर
जहां एक तरफ नौकरियों के जाने का डर है, वहीं दूसरी तरफ भारत के लिए इसमें बड़ी संभावनाएं भी देखी जा रही हैं. पीडब्ल्यूसी (PwC) इंडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, 2035 तक AI भारतीय अर्थव्यवस्था में लगभग 550 बिलियन डॉलर का योगदान दे सकता है. भारत सरकार ने भी 2024 में 1.2 बिलियन डॉलर के निवेश के साथ ‘इंडिया एआई मिशन’ की शुरुआत की है, ताकि देश में कंप्यूटिंग संसाधनों और टैलेंट को विकसित किया जा सके.

सुलेमान का बयान इस बात का संकेत है कि कार्यबल का भविष्य पूरी तरह बदलने वाला है. अब चुनौती यह है कि पेशेवर खुद को इन एआई टूल्स के साथ कैसे ढालते हैं और नई ‘मेटा-स्किल्स’ कैसे सीखते हैं.

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