Friday, February 13, 2026

एआई के बढ़ते डर और वैश्विक मंदी की चिंताओं के कारण TCS के शेयर 5 साल के निचले स्तर पर आ गए हैं.

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भारतीय शेयर बाजार की दिग्गज आईटी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के लिए शुक्रवार का दिन किसी बुरे सपने से कम नहीं रहा. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की बढ़ती ताकत और वैश्विक बाजारों में छाई अनिश्चितता के कारण TCS के शेयरों में भारी बिकवाली देखी गई. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर कंपनी का शेयर 6 प्रतिशत से अधिक टूटकर ₹2,579 के स्तर पर बंद हुआ, जो पिछले साढ़े पांच वर्षों का सबसे निचला स्तर है.

ऐतिहासिक गिरावट और मार्केट कैप को झटका
TCS का शेयर अपने ‘ऑल टाइम हाई’ (₹4,592) से लगभग 43-44% तक नीचे आ चुका है. इस गिरावट का सबसे बड़ा असर कंपनी के मार्केट वैल्यूएशन पर पड़ा है. कुछ ही समय पहले तक भारत की दूसरी सबसे मूल्यवान कंपनी रही TCS का मार्केट कैप अब ₹9.60 लाख करोड़ से भी नीचे खिसक गया है. यह दिसंबर 2020 के बाद का सबसे खराब प्रदर्शन है. गौरतलब है कि पिछले एक महीने में ही निवेशकों ने TCS में अपनी संपत्ति का 20% से अधिक हिस्सा गंवा दिया है.

Anthropic का नया टूल और ‘AI वॉर’ का डर
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि इस गिरावट की तात्कालिक वजह अमेरिका स्थित एआई स्टार्टअप Anthropic द्वारा पेश किया गया एक नया टूल है. इस टूल को विशेष रूप से कॉर्पोरेट लीगल टीमों के लिए बनाया गया है, जो जटिल कानूनी कार्यों को स्वचालित (Automate) करने में सक्षम है.

निवेशकों में यह डर बैठ गया है कि यदि एआई इसी तरह कोडिंग, टेस्टिंग और लीगल प्रोसेसिंग जैसे कामों को खुद करने लगा, तो भारतीय आईटी कंपनियों के पारंपरिक बिजनेस मॉडल की प्रासंगिकता खत्म हो जाएगी. यही कारण रहा कि अमेरिकी बाजार में इंफोसिस और विप्रो के ADR भी 10% तक गोता लगा गए.

क्या IT सेक्टर के लिए और मुश्किलें बाकी हैं?
बाजार के जानकारों का कहना है कि आने वाले समय में चुनौतियां कम नहीं होने वाली हैं

क्लाइंट्स का बदलता नजरिया: वैश्विक कंपनियां अब बड़े आईटी कॉन्ट्रैक्ट्स देने के बजाय एआई-आधारित समाधानों पर ध्यान दे रही हैं.

मंदी की आशंका: अमेरिका और यूरोप जैसे प्रमुख बाजारों में आर्थिक सुस्ती के कारण आईटी खर्च (IT Spending) में कटौती की जा रही है.

मार्जिन पर दबाव: नई तकनीक को अपनाने और कर्मचारियों को फिर से प्रशिक्षित (Reskilling) करने में कंपनियों को भारी निवेश करना पड़ रहा है, जिससे उनके मुनाफे के मार्जिन पर असर पड़ रहा है.

क्या यह खरीदने का मौका है?
हालांकि बाजार में घबराहट है, लेकिन एक वर्ग ऐसा भी है जो इसे लंबी अवधि के लिए निवेश का मौका मान रहा है. टाटा ग्रुप की मजबूत प्रमोटर होल्डिंग (71.77%) और कंपनी का मजबूत कैश रिजर्व इस संकट से उबरने में मदद कर सकता है. लेकिन फिलहाल, तकनीकी चार्ट पर शेयर कमजोर है और जब तक वैश्विक स्तर पर एआई को लेकर स्पष्टता नहीं आती, तब तक रिकवरी कठिन लग रही है.

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