बिहार में बीपीएससी शिक्षक भर्ती परीक्षा (टीआरई-4) में महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। अब एक अभ्यर्थी को केवल एक ही रिजल्ट मिलेगा, जिससे एक उम्मीदवार कई पदों पर चयनित नहीं हो पाएगा। इस नई व्यवस्था से अधिक युवाओं को नौकरी का अवसर मिलेगा और शिक्षकों की कमी को प्रभावी ढंग से दूर किया जा सकेगा। लगभग 44 हजार पदों पर भर्ती होगी, जिसमें महिलाओं को 35% आरक्षण मिलेगा।
पटना। बिहार में शिक्षक बहाली की प्रक्रिया एक बार फिर नए मोड़ पर है। बीपीएससी शिक्षक भर्ती परीक्षा (टीआरई-4) में इस बार एक ऐसा बदलाव किया जा रहा है, जो अब तक की सभी भर्तियों से अलग होगा। शिक्षा विभाग ने तय किया है कि टीआरई-4 में एक अभ्यर्थी को सिर्फ एक ही रिजल्ट मिलेगा। यानी अब एक उम्मीदवार अलग-अलग कक्षाओं के लिए कई-कई परिणामों में चयनित नहीं हो सकेगा।
पहले व्यवस्था क्या थी, अब क्या बदलेगा
अब तक टीआरई-1, टीआरई-2 और टीआरई-3 में यह व्यवस्था रही है कि एक ही अभ्यर्थी प्राथमिक, मध्य और माध्यमिक स्तर—तीनों के लिए चयनित हो सकता था। इससे स्थिति यह बनती थी कि एक उम्मीदवार के नाम पर कई सीटें आ जाती थीं, जबकि हजारों योग्य अभ्यर्थी चयन से बाहर रह जाते थे। टीआरई-4 में इस खामी को दूर करने की कोशिश की जा रही है।
एक रिजल्ट से खुलेगा ज्यादा युवाओं के लिए रास्ता
नई व्यवस्था के तहत अभ्यर्थी परीक्षा तो एक ही देगा, लेकिन उसे केवल एक कक्षा स्तर के लिए ही अंतिम रूप से चयनित किया जाएगा। इससे अधिक संख्या में उम्मीदवारों को नियुक्ति का मौका मिलेगा। शिक्षा विभाग का मानना है कि इससे योग्य अभ्यर्थियों का दायरा बढ़ेगा और सीटों पर कब्जा करने की प्रवृत्ति रुकेगी।
44 हजार पदों की भर्ती, कक्षा-वार स्पष्ट बंटवारा
- टीआरई-4 के तहत करीब 44 हजार शिक्षकों की भर्ती प्रस्तावित है। इसमें
- कक्षा 1 से 8 तक लगभग 19 हजार पद,
- कक्षा 9 से 10 तक 12 हजार पद,
- और कक्षा 11 से 12 तक 13 हजार पद शामिल हैं।
- सबसे अधिक नियुक्तियां गणित, विज्ञान, अंग्रेजी और कॉमर्स विषयों में होंगी, जहां शिक्षकों की भारी कमी है।
महिलाओं को 35% आरक्षण, लेकिन शर्त अहम
इस भर्ती में बिहार की मूल निवासी महिलाओं को 35 प्रतिशत आरक्षण मिलेगा। हालांकि “एक अभ्यर्थी–एक रिजल्ट” नियम महिला उम्मीदवारों पर भी समान रूप से लागू होगा। यानी आरक्षण का लाभ मिलेगा, लेकिन एक से अधिक कक्षा स्तर पर चयन संभव नहीं होगा।
शिक्षक कमी बनी वजह, सिस्टम सुधार की कोशिश
बिहार में फिलहाल करीब 6 लाख शिक्षक कार्यरत हैं, जबकि आवश्यकता इससे कहीं अधिक है। पिछले दो वर्षों में टीआरई-1, 2 और 3 के जरिए 2.27 लाख शिक्षक बहाल किए गए, फिर भी कई स्कूलों में शिक्षक-छात्र अनुपात असंतुलित है। विभाग का मानना है कि एक उम्मीदवार को कई नियुक्तियां मिलने से वास्तविक कमी दूर नहीं हो पा रही थी।
बीपीएससी जल्द निकालेगा वैकेंसी, तैयारी तेज
शिक्षा मंत्री के अनुसार, रोस्टर की प्रक्रिया पूरी होने के बाद बीपीएससी जल्द ही टीआरई-4 की अधिसूचना जारी करेगा। यह भर्ती न सिर्फ पदों की संख्या के लिहाज से अहम है, बल्कि चयन प्रणाली में पारदर्शिता और समान अवसर के लिहाज से भी मील का पत्थर मानी जा रही है।
क्यों अहम है ‘एक अभ्यर्थी–एक रिजल्ट’ नीति
यह बदलाव उन हजारों युवाओं के लिए उम्मीद की किरण है, जो पहले मेरिट के बावजूद चयन से बाहर रह जाते थे। अब टीआरई-4 में चयन का मतलब होगा—एक सीट, एक उम्मीदवार, और यही इस भर्ती की सबसे बड़ी पहचान बनने जा रही है।


