पूरे झारखंड में नगर निकाय चुनाव का बिगुल बज चुका है. देवघर समेत सभी जिलों में मेयर, उपमेयर और वार्ड पार्षद पद के प्रत्याशी मैदान में उतर चुके हैं और जोर-शोर से प्रचार में जुटे हैं, लेकिन चुनावी शोरगुल के बीच असली सवाल यह है कि जिस जनता के नाम पर यह चुनाव हो रहा है, वह जनता क्या चाहती है और उसकी प्राथमिकताएं क्या हैं? इन्हीं सवालों के जवाब तलाशने के लिए ईटीवी भारत की टीम देवघर के विभिन्न वार्डों में पहुंची और स्थानीय लोगों से सीधी बातचीत की.
रविवार को ईटीवी भारत की टीम ने देवघर नगर निगम के वार्ड नंबर 1 और 2 पहुंची और यहां की जमीनी हकीकत को परखा. देवघर के वार्ड नंबर 1 में संथाली मोहल्ला, गुलजार मोहल्ला और जसीडीह बाजार का कुछ हिस्सा शामिल है, जबकि देवघर के वार्ड नंबर 2 में नारायणपुर, बाघमारा, बचूवाडीह, पगला बाबा मोहल्ला, पुलिस लाइन पांडेडीह, घाघरडीह और खासडीह जैसे इलाके आते हैं. दोनों वार्डों को मिलाकर करीब साढ़े आठ हजार की आबादी निवास करती है.
स्थानीय लोगों ने बताया कि ये इलाके पहले ग्रामीण क्षेत्र में आते थे. जब जसीडीह के छह वार्डों को नगर निगम में शामिल किया गया, तब लोगों को उम्मीद जगी थी कि अब उन्हें शहरी सुविधाएं मिलेंगी, लेकिन सालों बाद भी हालात जस के तस बने हुए हैं.
वार्ड नंबर वन में नालियों का पानी सड़क पर
वार्ड नंबर 1 के संथाली मोहल्ला निवासी सुरेश राम ने कहा कि नगर निगम में शामिल होने के बाद भी उनके वार्ड में नाली की समस्या का समाधान आज तक नहीं हो सका है. कई गलियों में नाली का निर्माण ही नहीं हुआ है, जिससे घरों का गंदा पानी सड़कों पर बहता रहता है और लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है.
वहीं, वार्ड नंबर 1 के निवासी सुनील राम बताते हैं कि इलाके में पिछड़े और दलित समाज के लोगों की संख्या अधिक है. आर्थिक रूप से कमजोर होने के कारण लोग अपनी समस्याओं को खुद से हल नहीं कर पा रहे हैं और सरकारी स्तर पर भी उन्हें वह मदद नहीं मिल पा रही, जिसकी उन्हें जरूरत है. यही वजह है कि यह इलाका आज भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित है.
वार्ड नंबर 2 में शाम होते ही छा जाता है अंधेरा
उधर, वार्ड नंबर 2 के बाघमारा मोहल्ला में रहने वाले कार्तिक और दीपक दुबे ने बताया कि शाम ढलते ही मुख्य चौक-चौराहों पर अंधेरा छा जाता है. स्ट्रीट लाइट तो लगी हैं, लेकिन उनमें बल्ब नहीं जलते. अंधेरे की वजह से लोगों को आवागमन में डर बना रहता है और कई बार अप्रिय घटनाएं भी हो चुकी हैं. इसके अलावा नाली जाम और पेयजल की समस्या यहां भी गंभीर बनी हुई है.
वार्ड के लोगों को चुनाव लड़ने वालों से उम्मीदें
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि “शहर की सरकार” बनने की घोषणा के बाद उन्हें उम्मीद है कि अब छोटी-छोटी समस्याओं के लिए विधायक या सांसद का दरवाजे नहीं खटखटाना पड़ेगा. इसी उम्मीद के साथ वार्ड नंबर 1 और 2 के लोगों ने साफ कर दिया है कि इस बार वे उसी उम्मीदवार को वार्ड पार्षद चुनेंगे जो कर्मठ, ईमानदार हो और जमीन पर उतरकर जनता की समस्याओं का समाधान करें, न कि केवल चुनाव के समय दिखाई दे


