Monday, March 16, 2026

मेटा ने 2025 में भारत सरकार को ₹5,993 करोड़ टैक्स दिया, लेकिन प्राइवेसी पॉलिसी और डेटा शेयरिंग नियमों को लेकर कानूनी चुनौतियों पर चिंता जताई.

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नई दिल्ली: फेसबुक, इंस्टाग्राम और वॉट्सऐप जैसे प्रमुख सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स का संचालन करने वाली कंपनी मेटा प्लेटफॉर्म्स इंक ने वर्ष 2025 में भारत सरकार को बड़ी मात्रा में आयकर का भुगतान किया है. कंपनी की रेगुलेटरी फाइलिंग के अनुसार, मेटा ने भारत में करीब 5,993 करोड़ रुपये (लगभग 652 मिलियन अमेरिकी डॉलर) का आयकर चुकाया है. यह भुगतान कंपनी को मिले नेट टैक्स रिफंड के समायोजन के बाद किया गया है. इस आंकड़े से साफ है कि भारत मेटा के लिए न केवल यूजर बेस के लिहाज से, बल्कि आर्थिक दृष्टि से भी एक प्रमुख बाजार है.

वैश्विक टैक्स भुगतान में भारत की बड़ी हिस्सेदारी
मेटा ने अपनी फाइलिंग में बताया है कि वैश्विक स्तर पर कंपनी का कुल आयकर भुगतान 7.58 अरब डॉलर रहा. इसमें भारत से किया गया टैक्स भुगतान एक महत्वपूर्ण हिस्से के रूप में उभरकर सामने आया है. यह दर्शाता है कि कंपनी के वैश्विक कारोबार में भारत की भूमिका लगातार मजबूत हो रही है और यहां से होने वाली आय मेटा के वित्तीय प्रदर्शन में अहम योगदान दे रही है.

कानूनी और नियामक चुनौतियों का सामना
भारी टैक्स भुगतान के बावजूद मेटा ने भारत में अपने परिचालन से जुड़ी कई चुनौतियों का भी उल्लेख किया है. कंपनी के अनुसार, उसे भारतीय अदालतों और विभिन्न नियामक संस्थाओं की ओर से कई जांचों और कानूनी मामलों का सामना करना पड़ रहा है. ये मामले मुख्य रूप से प्रतिस्पर्धा, डेटा उपयोग और डिजिटल सेवाओं के संचालन से जुड़े हुए हैं.

वॉट्सऐप प्राइवेसी पॉलिसी पर विवाद
भारत में मेटा की सबसे बड़ी कानूनी लड़ाई वॉट्सऐप की 2021 में लागू की गई नई प्राइवेसी पॉलिसी और सेवा शर्तों को लेकर है. इस मुद्दे पर भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) के आदेश के साथ-साथ मामला सुप्रीम कोर्ट में भी लंबित है. कंपनी का मानना है कि इस विवाद का उसके बिजनेस मॉडल और डेटा प्रबंधन रणनीति पर दूरगामी असर पड़ सकता है.

डेटा ट्रांसफर और विज्ञापन पर असर की आशंका
मेटा ने यह भी चेतावनी दी है कि यदि देशों या अपने विभिन्न प्लेटफॉर्म्स के बीच डेटा ट्रांसफर पर रोक लगाई जाती है, तो इससे उसकी सेवाओं की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है. खासकर लक्षित विज्ञापनों की क्षमता पर असर पड़ने की आशंका जताई गई है, जो कंपनी की आय का बड़ा स्रोत हैं.

भविष्य में जुर्माने का खतरा
कंपनी ने संकेत दिया है कि भारत और जर्मनी जैसे देशों में सख्त कानूनों के चलते भविष्य में उस पर जुर्माना लगाया जा सकता है या कुछ सेवाओं पर आंशिक प्रतिबंध भी लग सकता है. ऐसे किसी भी कदम का मेटा के वित्तीय नतीजों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है.

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