झारखंड आरोग्य सोसाइटी ने आयुष्मान भारत मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत सभी सूचीबद्ध अस्पतालों को 31 जनवरी तक हेम-2.0 पोर्टल पर पंजीकरण कराने का निर्देश दिया है। कार्यकारी निदेशक छवि रंजन ने यह आदेश दिया, जिसमें हेम-1.0 से माइग्रेट होना अनिवार्य है। इसका उद्देश्य योजनाओं के सुचारु संचालन, पारदर्शिता और लाभुक-अनुकूल प्रक्रिया सुनिश्चित करना है। रांची के तीन निजी अस्पतालों को माइग्रेशन की मंजूरी मिली है
रांची। आयुष्मान भारत मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत सभी सूचीबद्ध अस्पतालों को 31 जनवरी तक हेम (हास्पिटल इम्पैनलमेंट माड्यूल)-2.0 पोर्टल पर पंजीकरण कराना होगा।
इसके लिए उन्हें हेम-1.0 से हेम-2.0 में माइग्रेट होना होगा। झारखंड आरोग्य सोसाइटी के कार्यकारी निदेशक छवि रंजन ने मंगलवार को हुई बैठक में ये निर्देश दिए। बैठक में रांची के तीन सूचीबद्ध निजी अस्पतालों राज हास्पिटल, रानी हास्पिटल और समर हास्पिटल एंड रिसर्च सेंटर को हेम-2 पर माइग्रेट करने का अनुमोदन दिया गया।
इस बैठक में विभिन्न समितियों द्वारा किए जा रहे कार्यों की गहन समीक्षा की गई तथा स्वास्थ्य योजनाओं से संबंधित तात्कालिक प्रतिवेदनों पर विस्तार से चर्चा हुई। कार्यकारी निदेशक ने लाभुकों, निजी अस्पतालों और बीमा कंपनियों के समक्ष आ रही व्यावहारिक कठिनाइयों को गंभीरता से सुना और उनके शीघ्र समाधान के लिए आवश्यक निर्देश दिए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य के सभी सरकारी अस्पताल पहले ही हेम-2.0 प्रणाली पर अपग्रेड हो चुके हैं, जबकि कुछ निजी अस्पताल अभी भी हेम-1.0 पर ही कार्य कर रहे हैं। इससे योजनाओं के सुचारु संचालन में बाधा उत्पन्न हो रही है, जिसे देखते हुए सभी निजी अस्पतालों को तय समय-सीमा के भीतर माइग्रेशन पूरा करने का निर्देश दिया गया।
समीक्षा के दौरान कार्यकारी निदेशक ने बीमा कंपनियों को उन रोगों की विस्तृत विवरणी प्रस्तुत करने को कहा, जिनमें पैकेज राशि अधिक है और जिनका उपयोग भी ज्यादा हो रहा है। इसके साथ ही उन्होंने राज्य के बाहर जिन अस्पतालों में मरीजों का उपचार कराया जा रहा है, उनकी पूरी सूची उपलब्ध कराने का निर्देश दिया, ताकि इलाज की प्रवृति और खर्च का विश्लेषण किया जा सके।
उन्होंने कहा कि हेम 2.0 के माध्यम से इलाज की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, तेज और लाभुक-अनुकूल बनाया जा सकेगा। इससे न केवल मरीजों को समय पर बेहतर सेवाएं मिलेंगी, बल्कि अस्पतालों और बीमा कंपनियों के बीच समन्वय भी मजबूत होगा।
बैठक में सभी संबंधित पक्षों से निर्देशों का सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित करने की अपील की गई। बैठक में अपर कार्यकारी निदेशक सीमा सिंह, निदेशक प्रमुख, स्वास्थ्य सेवाएं डा. सिद्धार्थ सान्याल आदि उपस्थित थे।


